चंडीगढ़ में ऐसे कई राशन कार्ड धारक और ईडब्ल्यूएस कोटे के लोग फ्री में सामुदायिक केंद्र बुक कराने के लिए नगर निगम कार्यालय का चक्कर लगा रहे है। दरअसल, पिछले दिनों सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग में बड़े स्तर पर घोटाले का आरोप लगा था।
आवेदन में स्थानीय पार्षद के साइन भी हो गए है। इसके अलावा जिस पार्षद के इलाके में सामुदायिक केंद्र आएगा उसका भी हस्ताक्षर है। बीएल कौर का कहना है कि वह इसको मेयर हरप्रीत कौर बबला से मिलने गई थी। उन्होंने इस मामले में कोई मदद नहीं की है। परिवार में आर्थिक स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। ऐसे में यह बुकिंग नहीं हुई तो बेटी की शादी मुश्किल हो जाएगी।
दरअसल, मौजूदा समय नगर निगम का कहना है कि बीएलएल कार्ड धारक वालों को ही फ्री में सामुदायिक केंद्र मिलेगा। लेकिन पार्षदों का कहना है कि चंडीगढ़ में बीपीएल कार्ड धारकों की संख्या बहुत कम है।
सीनियर डिप्टी मेयर तरुणा मेहता का कहना है कि सदन में इस बात को रखा गया था कि जब तक नई नीति नहीं आ रही मौजूदा समय बीपीएल की अनिवार्यता समाप्त किया जाए। अभी तक हुई बुकिंग में यह आवश्यक भी नहीं था। विवाद बढ़ने के बाद इसकी मांग की जा रही है लेकिन इससे यहां के आर्थिक तौर पर गरीब लोग परेशान हो रहे है। शादी में सबसे पहले स्थान ही फाइनल होता है। उसके बाद कुछ भी बाकी तैयारियों में परिवार जुटता है। उनके वार्ड के कई लोग बुकिंग के लिए परेशान है। अगर कोई गलत बुकिंग करा रहा है तो इसकी जांच की जाए लेकिन इसकी आड़ में सही लोगों की बुकिंग रोकना गलत है।
चंडीगढ़ नगर निगम ने गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए मुफ्त बुकिंग पर पार्षदों की सिफारिशों को लेकर एक अंतरिम रिपोर्ट नगर निगम की तरफ से तैयार की गई है। इसमें 1 जनवरी 2024 से 31 मई 2025 तक कुल 518 मुफ्त बुकिंग की सिफारिश की गई है।