हरियाणा और पंजाब की तर्ज पर अब चंडीगढ़ में भी एसिड अटैक पीड़ितों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सामाजिक कल्याण, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव अनुराधा ने हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट में यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि इसकी अधिसूचना चंडीगढ़ प्रशासन दो दिन के भीतर कर देगा।
एडवोकेट एचसी अरोड़ा की ओर से अवमानना याचिका दाखिल करते हुए कहा गया था कि उनकी जनहित याचिका का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा की तर्ज पर पंजाब सरकार व यूटी प्रशासन को एसिड अटैक पीडि़तों को मासिक सहायता राशि उपलब्ध करवाने के आदेश दिए थे। हरियाणा व पंजाब सरकार तो इस योजना को लागू कर पीड़ितों को 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवा रहे हैं लेकिन यूटी प्रशासन ऐसा नहीं कर रहा है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर कहा था कि 2014 में जारी आदेशों का अभी तक पालन नहीं किया जा रहा है।
यूटी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। आदेश का पालन करने के लिए हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर सामाजिक कल्याण, महिला व बाल विकास विभाग की सचिव अनुराधा को आखिरी मौका दिया था। इसके जवाब में उन्होंने अवमानना मामलों की सुनवाई करने वाली पीठ को बताया कि एसिड अटैक पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने के लिए नीति का ड्राफ्ट तैैयार किया गया है। इसे मंजूरी के लिए भेजा गया है। इसे दो दिन के भीतर अधिसूचित कर दिया जाएगा। 2019 की योजना के तहत एसिड अटैक पीडि़तों को मेडिकल सहायता व तुरंत फौरी राहत राशि उपलब्ध करवाई जा रही है। अब 10 हजार रुपये मासिक का भुगतान भी किया जाएगा।