पुलिस के मुताबिक रात 11 बजकर 22 मिनट पर अज्ञात लोगों ने अमृतसर-बठिंडा हाईवे से सरहाली पुलिस थाने को निशाना बनाते हुए आरपीजी दागा। वह थाने के लोहे के गेट से टकराकर साथ बने सांझ केंद्र में जा गिरा। यह केंद्र एफआईआर की कॉपी, पासपोर्ट सत्यापन और अनापत्ति प्रमाण पत्र जैसी सेवाएं प्रदान करता है। ग्रेनेड गिरते ही पुलिस कर्मी थाने से बाहर निकल आए, लेकिन तब तक हमलावर फरार हो चुके थे । घटनास्थल की जांच के लिए फोरेंसिक टीम और सेना का एक दस्ता भी पहुंचा। पुलिस ने इस संबंध में यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ग्रेनेड सीधे थाने में जाकर फटता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। यह भी जानकारी मिली है कि हमले में रूस में बने आरपीजी का इस्तेमाल किया गया है, जो मोटी दीवारों को भेदने में सक्षम है।
रॉकेट लांचर और प्रोपेलर बरामद
आतंकी हमले की शुरुआती जांच में पुलिस ने रॉकेट लांचर और प्रोपेलर बरामद कर लिया है। पुलिस के हाथ एक सीसीटीवी फुटेज भी लगी है, जिसमें हमले का असर दिख रहा है।
खालिस्तानी संगठन ने ली जिम्मेदारी, पुलिस बोली जांच भटकाने की कोशिश
रॉकेट हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस ने ली है। पुलिस ने इस दिशा में जांच शुरू कर दी है। हालांकि सीनियर अधिकारियों का कहना है कि यह जांच से भटकाने की कोशिश हो सकती है। हमले के बाद इस आतंकी संगठन की एक ऑडियो क्लिप वायरल है, जिसमें संगठन प्रमुख पन्नू आतंकी हमले की जिम्मेदारी ले रहा है।
मोहाली जैसा अटैक : डीजीपी
एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि इस हमले और मोहाली आरपीजी हमले की घटना के बीच कई समानताएं प्रतीत होती हैं। शुरुआती जांच में मोहाली जैसा अटैक लग रहा है। हालांकि फोरेंसिक विवरणों की जांच की जा रही है। इसी साल नौ मई को मोहाली स्थित पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर आरपीजी अटैक किया गया था। हमले में सिर्फ बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा था। मोहाली अटैक के तार कनाडा के आतंकी लखबीर सिंह लंडा से जुड़े थे। हमले में शामिल अधिकतर लोगों को पुलिस ने पकड़ लिया था, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता तक पुलिस नहीं पहुंच पाई।
दुश्मन बौखलाया हुआ, इसलिए रात में हमले: डीजीपी
घटनास्थल का दौरा करने के बाद डीजीपी ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि हमारा दुश्मन देश बौखलाया हुआ है और इससे ध्यान भटकाने के लिए रात में कायरतापूर्ण हमला किया गया। दरअसल पिछले एक महीने के भीतर उसने ड्रोन से जो हथियार-हेरोइन और गोला बारूद भेजे थे, वह सब पकड़े गए। इस साल अकेले 200 से अधिक ड्रोन सीमा पार से आए। इनमें अधिकतर ड्रोन पकड़ा गया है। पुलिस तमाम एंगल और थ्योरी खंगाल रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में बैठे आतंकियों की स्थानीय लिंक की जांच की जा रही है।
आतंकी हमले का था अलर्ट
पंजाब के कई पुलिस अधिकारियों ने पुष्टि की है कि राज्य के पुलिस थाने और सरकारी इमारतों पर आतंकी हमले का अलर्ट था। पिछले हफ्ते खुफिया एजेंसियों की ओर से यह जानकारी आला अधिकारियों को दी गई थी। इसी के तहत राज्य के कई थानों और इमारतों की पुलिस सुरक्षा बढ़ाई गई थी। कई जिलों में पुलिस अधिकारियों ने बैठकें कर पुलिसकर्मियों को सचेत रहने के निर्देश दिए थे।