एक सप्ताह पहले पुलिस को बताई थी फिरौती मांगने की बात
बीते बुधवार को अर्जुन ठाकुर के खिलाफ बीएनएस एक्ट 309 व 3 (5) 2023 के तहत फिरौती मांगने का केस दर्ज किया था। अब इस मामले में नाभा निवासी डि''ओरा क्लब के पार्टनर निखिल चौधरी की शिकायत पर आरोपी अर्जुन के खिलाफ बीएनएस एक्ट 308 (4) 2023 के तहत केस दर्ज किया है। जांच टीमों ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और वीरवार को उसे जिला कोर्ट में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह सेक्टर-26 में प्रेस्टीन हॉस्पिटैलिटी के तहत पंजीकृत डि''ओरा क्लब का 25 प्रतिशत का मालिक है। उसने मैसर्स सिंगला मशीनरी स्टोर नाभा जिला पटियाला के अपने पारिवारिक सदस्य टेक चंद सिंगला को कुछ समय पहले ही 10 प्रतिशत शेयर बेचे हैं। एमओयू के अनुसार टेक चंद को रेस्टोरेंट के संचालन में मूक भागीदार बनाया है। टेक चंद के साथ उनके व्यापारिक विवाद के कारण अर्जुन ठाकुर इस विवाद का फायदा उठाकर जबरन उसके हिस्से को अपने नाम पर करना चाहता है।
शिकायतकर्ता बोला- अर्जुन कुछ महीने से दे रहा था धमकियां
शिकायतकर्ता ने बताया कि अर्जुन ठाकुर पिछले कुछ महीनों से लगातार उससे पैसे ऐंठने के लिए मौखिक तौर पर धमकियां दे रहा था। वह उसे क्लब में पार्टनर बनाने और उसे हर महीने 50 हजार रुपये खर्चा देने के लिए कहता था। उसने कई बार धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी तो उसे जान से मार दिया जाएगा या फिर उसे बुरी तरह नुकसान पहुंचाएगा। धमकियां मिलने के बाद शिकायतकर्ता ने कई दिनों तक क्लब जाना भी बंद कर दिया, लेकिन अब हाल ही में अर्जुन फिर से उसे क्लब के बाहर मिला और फिर से धमकाया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। क्लब में निखिल चौधरी के अलावा विशाल गर्ग, अमित गुप्ता और रतन लुबाना भी पार्टनर हैं, जिनसे पहले ही जांच टीमें पूछताछ कर चुकी हैं।
बम ब्लास्ट करवाने के लिए कठघरे में अर्जुन ठाकुर
बम ब्लास्ट के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के गोल्डी बराड़ व रोहित गोदारा के नाम से सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल कर इस घटना की जिम्मेवारी ली गई थी। लेकिन कुछ समय बाद ही पोस्ट डिलीट होने के बाद अब अर्जुन ठाकुर की ओर से फिरौती मांगने की घटना सामने आने से जांच फिरौती के एंगल पर घूम गई है। जांच टीमों को शक है कि क्लब संचालक निखिल चौधरी की ओर से फिरौती नहीं देने और उन्हें डराने-धमकाने के लिए यह ब्लास्ट करवाए गए हैं। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि आरोपी अर्जुन करीब आठ महीने पहले ही जेल से जमानत पर छूटा है और उस पर पहले भी फिरौती के 3 मामले दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में जांच टीमों की ओर से पंजाब के दो युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की बात भी सामने आई है, लेकिन पुलिस अधिकारी अभी इस मामले को लेकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।