बोगस वोटिंग आपको न सिर्फ कानूनी पचड़े में फंसा सकता है, बल्कि आप स्किन संबंधी बीमारी की चपेट में भी आ सकते हैं।
दरअसल बोगस वोट डालने के लिए मतदाता इलेक्टोरल इंक मिटाते हैं, जिसके लिए इंक रिमूवर, हाइड्रोजन पैराऑक्साइड, सोडियम और पोटैशियम हाइड्रो आक्साइड का उपयोग किया जाता है। डाक्टरों के अनुसार, इन केमिकल के उपयोग से स्किन डर्मेटाइटिश हो सकती है।
इलेक्टोरल इंक से घबराएं नहीं, वोट जरूर करें
मतदाताओं को इलेक्टोरल इंक से घबराना नहीं चाहिए। स्किन स्पेशलिस्ट के अनुसार, चुनाव में उपयोग किए जाने वाले इंक में सिल्वर नाइट्रेट की मात्रा 18 प्रतिशत होती है, जो स्किन और नेल्स के लिए हानिकारक नहीं है। जिस इंक में सिल्वर नाइट्रेट की मात्रा 25 प्रतिशत होती है, वही हानिकारक होता है।
इलेक्टोरल इंक न मिटे तो घबराएं नहीं
- यह इंक मार्क 76-96 घंटे तक रहता है
- फिंगर नेल्स और क्यूटीकल से इंक मिटने में दो से चार सप्ताह का समय लगता है
- नेल्स डिसआर्डर वालों को नार्मल लोगों की तुलना में उंगली पर ज्यादा दिनों तक इंक का निशान रह सकता है। इससे घबराना नहीं चाहिए
इंक रिमूवर के ये हैं साइड इफेक्ट
- स्किन के ऊपर रैस होना
- स्किन पर लाली, जलन और खारिश
- नेल्स सरफेस डैमेज होने का खतरा
- क्यूरिकल भी डैमेज हो सकता है
- स्किन का रंग काला या सफेद पड़ना
(इन्हें कंटेक्ट डर्मेटाइटिश कहते हैं)