हिमाचल के सीएम के भतीजे को बीएमडब्ल्यू कार से रौंदने के दोनों आरोपी बलराज सिंह रंधावा और हरमेहताब उर्फ फरीद वारदात वाली रात को पौने तीन बजे तक अकांक्ष के सेक्टर-9 स्थित कैफे में ही थे। उनके साथ तीन लड़कियां भी मौजूद थीं। यही नहीं जब अकांक्ष 2:45 बजे कैफे से बाहर आता है तो फरीद अन्य लोगों के साथ निकल रहा होता है और दोनों रुककर हाथ भी मिलाते हैं। यह खुलासा कैफे की सीसीटीवी फुटेज में हुआ है। बलराज भी फरीद से कुछ देर पहले ही कैफे से बाहर निकल गया था। उस समय नहीं लगा कि उनके बीच में कुछ हुआ था।
वहीं हत्या करने के आरोपियों का यूटी पुलिस चार दिन बाद भी सुराग लगाने में नाकाम रही है। वहीं सोमवार को पुलिस के आला अफसर सेक्टर-3 के थाने में बैठकर मीटिंग ही करते दिखे। डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल, एसएचओ सेक्टर-3 पूनम दिलावरी व अन्य इंस्पेक्टर पूरा दिन मीटिंग करते रहे। शाम को डीआईजी आलोक कुमार भी थाने में पहुंच गए। उसके बाद फिर मीटिंग रात तक चली। वहीं पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों के बैंक खातों की भी डिटेल्स हासिल की। पुलिस अब उनकी भी जांच कर रही है कि पिछले तीन चार दिन में उन्होंने कहां-कहां से पैसे निकाले हैं।
डीआईजी आलोक कुमार ने बताया कि अभी तक न तो आरोपियों का और न ही बीएमडब्ल्यू का र्कोई सुराग लग पाया है। पुलिस जांच में लगी हुई है उम्मीद है कि जल्द कामयाबी मिलेगी।