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खुलासा: BMW से कुचलने से दो घंटे पहले अकांक्ष से मिलाया था हाथ

Tue, 14 Feb 2017 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के सीएम के भतीजे को बीएमडब्ल्यू कार से रौंदने के दोनों आरोपी बलराज सिंह रंधावा और हरमेहताब उर्फ फरीद वारदात वाली रात को पौने तीन बजे तक अकांक्ष के सेक्टर-9 स्थित कैफे में ही थे। उनके साथ तीन लड़कियां भी मौजूद थीं। यही नहीं जब अकांक्ष 2:45 बजे कैफे से बाहर आता है तो फरीद अन्य लोगों के साथ निकल रहा होता है और दोनों रुककर हाथ भी मिलाते हैं। यह खुलासा कैफे की सीसीटीवी फुटेज में हुआ है। बलराज भी फरीद से कुछ देर पहले ही कैफे से बाहर निकल गया था। उस समय नहीं लगा कि उनके बीच में कुछ हुआ था। 
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वहीं हत्या करने के आरोपियों का यूटी पुलिस चार दिन बाद भी सुराग लगाने में नाकाम रही है। वहीं सोमवार को पुलिस के आला अफसर सेक्टर-3 के थाने में बैठकर मीटिंग ही करते दिखे। डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल, एसएचओ सेक्टर-3 पूनम दिलावरी व अन्य इंस्पेक्टर पूरा दिन मीटिंग करते रहे। शाम को डीआईजी आलोक कुमार भी थाने में पहुंच गए। उसके बाद फिर मीटिंग रात तक चली। वहीं पुलिस ने सोमवार को दोनों आरोपियों के बैंक  खातों की भी डिटेल्स हासिल की। पुलिस अब उनकी भी जांच कर रही है कि पिछले तीन चार दिन में उन्होंने कहां-कहां से पैसे निकाले हैं।

डीआईजी आलोक कुमार ने बताया कि  अभी तक न तो आरोपियों का और न ही बीएमडब्ल्यू का र्कोई सुराग लग पाया है। पुलिस जांच में लगी हुई है उम्मीद है कि जल्द कामयाबी मिलेगी।
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गिरफ्तारी से बचने को फरीद ने दाखिल की अग्रिम जमानत याचिका

- फोटो : Demo Pic
हिमाचल के सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे को कार से रौंदकर उसकी हत्या करने के दोनों आरोपियों में से एक हरमेहताब सिंह उर्फ फरीद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

वहीं फरीद की ओर से एडवोकेट सुखदीप सिंह बराड़ द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि हरमेहताब मामले में बेकसूर है और उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। जिस कार से यह वारदात हुई, वह न तो उसका मालिक है और न ही वह उस कार को चला रहा था। हादसे के वक्त कार बलराज सिंह रंधावा चला रहा था। ऐसे में उसके खिलाफ आईपीसी 302 (हत्या की धारा) के तहत उसके खिलाफ केस नहीं बनता। वैसे भी हरमेहताब की अकांक्ष से कोई रंजिश नहीं थी। पुलिस केस के अनुसार भी देखा जाए तो वारदात को लेकर उसकी कोई आपराधिक मंशा नहीं बनती। फरीद को इसलिए आरोपी बनाया गया है, क्योंकि वह बलराज के साथ कार में था।

वहीं पुलिस को हरमेहताब से कुछ रिकवर भी नहीं करना है। ऐसे में वह अग्रिम जमानत मिलने पर पुलिस जांच भी ज्वाइन करने को तैयार है। याचिका पर जिला अदालत में मंगलवार को सुनवाई होगी।
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