हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा निकाली गई 816 आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षकों की भर्ती का परिणाम संशोधित करने का हरियाणा सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग को आदेश दिया है। ऐसे में अब उन 613 शिक्षकों पर गाज गिरेगी जिन्होंने आर्ट एंड क्राफ्ट का डिप्लोमा या डिग्री कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ली है।
आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षकों की भर्ती को चुनौती देते हुए मनोज कुमार व अन्य ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को बताया था कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने 14 नवंबर को 816 आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षकों की भर्ती का परिणाम घोषित किया था। इस भर्ती के परिणाम के दौरान साफ लिखा गया था कि जिन उम्मीदवारों ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से आर्ट एंड क्राफ्ट का डिप्लोमा किया है, उनका चयन इस डिप्लोमा को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले निर्भर करेगा।
याची ने बताया कि 24 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से आर्ट एंड क्राफ्ट के डिप्लोमा को अमान्य करार दिया है। याची ने इसी फैसले के आधार पर कर्मचारी चयन आयोग को आर्ट एंड क्राफ्ट शिक्षक भर्ती का परिणाम संशोधित कर नए सिरे से जारी करने की मांग की है।
याची ने बताया था कि काफी संख्या में ऐसे उम्मीदवारों का चयन हुआ है, जिन्होंने कुरुक्षेत्र से डिस्टेंस एजुकेशन (दूरस्थ शिक्षा) के माध्यम से आर्ट एंड क्राफ्ट का डिप्लोमा किया था। उनकी योग्यता रद्द होने के बाद मेरिट के अनुसार नए उम्मीदवारों का चयन करने की भी मांग की गई है। याचिका पर हरियाणा के मौलिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर किया है।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि कर्मचारी चयन आयोग ने उनके पास चयनित उम्मीदवारों की सूची भेजी थी, जिसमें 613 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डिप्लोमा या डिग्री ली है। सरकार ने छह दिसंबर को कर्मचारी चयन आयोग को पत्र लिख कर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से डिप्लोमा व डिग्री के बारे में 24 नवंबर के सुप्रीम कोर्ट के जारी आदेश के तहत परिणाम संशोधित करने का आग्रह किया है।