मनुष्य द्वारा आमतौर पर किए जाने वाले दानों में सबसे महत्वपूर्ण रक्तदान ही है। क्योंकि रक्त हर इंसान की ज़िंदगी का आधार है।
यह अनमोल रत्न हर इंसान के शरीर में परमात्मा ने प्रवाहित किया है, लेकिन कई बार बीमारी या सड़क दुर्घटना की चपेट में आने से शरीर में रक्त की कमी हो जाती, जिससे कई चिराग हमेशा के लिए बुझ जाते हैं।
ऐसे समय में उस व्यक्ति को किसी अन्य वस्तु से नहीं, केवल रक्त द्वारा ही मौत के मुंह से बचाया जा सकता है। इस कारण रक्तदाता के लिए रक्तदान महादान होता है।
यह विचार रविवार को सेक्टर-15 डी स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में लगाए गए रक्तदान शिविर का उद्घाटन करते हुए देहली से आए संत निरंकारी मंडल के स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के मेंबर इंचार्ज, ब्रिगेडियर(रिटा.) पीएस चीमा ने व्यक्त किए।
शिविर में 347 यूनिट रक्तदान किया गया, जिनमें 47 महिलाएं शामिल हैं। शिविर में सेक्टर 40 और सेक्टर-15 एरिया की संगतों ने हिसा लिया।
चंडीगढ़ ब्रांच के संयोजक मोहिन्द्र सिंह ने मिशन की गतिविधियों की जानकारी दी। मुखी एसएस बांगा की देख-रेख में पीजीआई चंडीगढ़ के ब्लड बैंक के डॉ. सुचेत सचदेव ने 20 सदस्यों की टीम के साथ शिविर में रक्त एकत्रित किया।