अंबाला में छात्रों का प्रदर्शन
इस दौरान पुलिसकर्मियों व छात्रों में काफी बहस हुई। दृष्टिहीन छात्र गेट को धक्का मारते रहे और दूसरी ओर से पुलिस ने भी गेट को पकड़े रखा। मामला बढ़ता देख डीएसपी बलजीत सिंह मौके पर पहुंचे और उन्हें शांत करने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद करीब एक बजे पुलिसकर्मियों ने जबरदस्ती पकड़कर छात्रों को गेट से हटाया।
दूसरे रास्ते से अंदर पहुंचे नायब तहसीलदार
विरोध बढ़ता देख पुलिसकर्मियों ने नायब तहसीलदार को छात्रों की मांगों को सुनने के लिए बुलाया। जब वे पहुंचे तो मेन गेट पर विरोध प्रदर्शन चल रहा था, फिर वे दूसरे गेट से अंदर आए और उनकी मांगे सुनी। छात्रों ने उनकी बात सुनी, लेकिन उन्हें ज्ञापन देने से मना कर दिया। उनका कहना था कि वे मंत्री से मिलना चाहते हैं।
धरना देने के बाद भी नहीं पहुंचा कोई प्रतिनिधि
सनातन धर्म अंध विद्यालय से बीए कर चुके संदीप, एमए पास सावन कुमार, बीए सेकंड ईयर के छात्र गौरव, जेबीटी कर चुके चरणजीत सिंह, हिंदी से एमए कर रहे राजेंद्र, बीए फर्स्ट ईयर के छात्र देवानंद, इतिहास से एमए कर रहे रविश कुमार व अन्य ने बताया कि दृष्टिहीनों की मांगों को लेकर पंचकूला में तीन दिन से धरना चल रहा है, लेकिन सरकार का कोई भी प्रतिनिधि मिलने नहीं पहुंचा।
मंत्री अनिल विज की तबीयत खराब होने के कारण छात्रों को बाद में बुलाया था, लेकिन वे उसी समय मिलने की जिद पर अड़े रहे। समझा-बुझाकर उन्हें गेट से हटाकर एंबुलेंस व पुलिस की गाड़ी में बिठाकर अंध महाविद्यालय छोड़ दिया गया। -बलजीत सिंह, डीएसपी कैंट।
ये हैं मांगें
- प्रदेश के विभिन्न विभागों में 1995 से आज तक तीन प्रतिशत आरक्षण के तहत बैकलॉग रिक्त पड़े हैं।
- पुराने रोस्टर के अनुसार हरियाणा चयन आयोग द्वारा मांगे जाने वाले दृष्टिहीनों के पदों की भर्ती हेतु 33, 66 और 99 के रोस्टर को लागू किया जाए।
नये रोस्टर के अनुसार उन्हें 73वीं नंबर पोस्ट दी जा रही है।
- ग्रुप-डी के 18218 पदों हेतु आवेदन मांगे गए थे। एक प्रतिशत आरक्षण के तहत दृष्टिहीनों के कुल पद 182 होने चाहिए, लेकिन 136 पदों को ही स्वीकार किया गया।
- हिसार व सिरसा में दृष्टिहीनों के दो प्राइवेट संस्थान चल रहे हैं, लेकिन आज इसकी दशा दयनीय है। सरकार इन संस्थानों को अपने अधीन करे।
- अंबाला छावनी में चल रहे सनातन धर्म अंध विद्यालय की ग्रांट पुन: शुरू करवाई जाए।
- राजकीय अंध विद्यालय पानीपत 2013 में 12वीं तक का हो गया था, लेकिन आज तक सरकार द्वारा किसी भी लेक्चरार की नियुक्ति नहीं की गई।
- हरियाणा में चल रहे एकमात्र सरकारी दृष्टिहीनों के प्रशिक्षण केंद्र व राजकीय अंध महाविद्यालय के स्टाफ अलग-अलग हों।
- विभिन्न विभागों में नियुक्त ग्रुप ए, बी, सी व डी के कर्मचारियों को एक समान ग्रुप ए के समान ही रिक्शा भत्ता दिया जाना चाहिए।
- प्रदेश में दृष्टिहीनों को सिर्फ 1800 रुपये पेंशन दी जाती है, जोकि नाकाफी है। इसे बढ़ाकर चार या पांच हजार किया जाए।
- दिल्ली व चंडीगढ़ को छोड़कर हरियाणा राज्य परिवहन की बसों में कहीं भी बाहर यात्रा करते हैं तो पूरा किराया लगता है। इसलिए इसे नि:शुल्क किया जाए।