मौके पर मौजूद सरदार सिंह और अन्य युवक
सेक्टर-37 निवासी सचिन शर्मा ने बताया कि वह पीरमुछल्ला स्थित एसबीआई बैंक में मैनेजर हैं। रविवार सुबह करीब 11 बजे वह अपने बेटे को कोचिंग सेंटर में छोड़कर वापस सियाज कार (नंबर सीएच 01 बीएफ2801) से घर लौट रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सेक्टर-35ए स्थित मकान नंबर 106 के पास जब वह कार को टर्न कर रहे थे तभी अचानक उनके सामने एक इनोवा (नंबर सीएच 05 टी 9985) आ गई। इससे दोनों गाड़ियां आपस में टकराकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके बाद इनोवा चालक दीदार सिंह ने किसी को फोन किया। थोड़ी देर बाद सरदार सिंह एक अन्य युवक वहां पहुंचे और इनोवा चालक के साथ मिलकर उसकी पीटाई कर शुरू कर दी।
पुलिस को दी शिकायत में दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर आरोप लगाए। इनोवा चालक दीदार सिंह का कहना है कि सियाज तेज रफ्तार से आ रही थी, जिसके चलते हादसा हुआ है। इसके बाद पुलिस ने सचिन के खिलाफ आईपीसी की धारा 279 के तहत केस दर्ज कर लिया जबकि सचिन की शिकायत पर दीदार सिंह के खिलाफ 323, 341 और 506 के तहत मामला दर्ज दोनों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
हादसे में क्षतिग्रस्त कार
आसपास के लोगों ने बताया कि हादसा इतना जबरदस्त था कि दोनों गाड़ियों की टक्कर से जोरदार आवाज हुई। इसके बाद आसपास के लोग जमा हो गए। बताया गया कि इनोवा में महिलाएं समेत बच्चे भी सवार थे। इनोवा के चालक के साइड और सियाज का अगला हिस्सा पूरी तरह डैमेज हो गया। हादसे में सभी बाल-बाल बच गए।
सचिन के परिजन बोले- नाइंसाफी हुई, एसएसपी से करेंगे मुलाकात
सचिन के परिजनों का कहना है कि उनके साथ नाइंसाफी हुई है। सचिन पर सरदार सिंह ने हाथ उठाया था लेकिन पुलिस ने उन पर केस दर्ज कर करने के बजाए इनोवा चालक पर केस रजिस्टर कर दिया है। अगर उनकी सुनवाई नहीं हुई तो वह एसएसपी ऑफिस जाकर मामले की शिकायत करेंगे।
हॉकी वर्ल्ड कप के काफी व्यस्त चल रहा हूं। सुबह फोन आया कि परिवार के सदस्यों का एक्सिडेंट हो गया है। हादसे की खबर सुनकर घबरा गया। इसके बाद फौरन मौके पहुंचकर सभी का हाल जाना। मेरे ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोप बेबुनियाद हैं। -सरदार सिंह, पूर्व कैप्टन, भारतीय हॉकी टीम
हादसे के बाद दोनों पक्षों के चालकों के खिलाफ क्रास एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। -पवन कुमार, डीएसपी, पीआरओ