राकेश टिकैत ने सरकार द्वारा किसानों को रोकने के लिए की जा रही बैरिकेडिंग पर भी सवाल दागे। उन्होंने कहा कि सरकार ने दिल्ली की सड़कों पर कील गाड़ कर अपनी ताकत दिखाई है लेकिन इन कीलों को किसान सोरम खाप के कार्यालय में रखेंगे, ताकि आने वाले 400 साल तक लोग इसे याद रखें।
जल है आंदोलन का देवता
राकेश टिकैत ने कहा कि जल आंदोलन का देवता है। ऐसे में किसानों को जल बचाने के लिए काम करना चाहिए। पानी किसान की सबसे बड़ी पूंजी है। इसे बर्बाद नहीं करें।
महापंचायत में पांच प्रस्ताव पारित
महापंचायत के संयोजक व कंडेला खाप के प्रधान टेकराम कंडेला ने महापंचायत के मंच से पांच प्रस्ताव रखे, जिन्हें लोगों ने हाथ उठाकर पारित किया। इसमें मांग की गई।
- 1. तीनों कृषि कानून रद्द किए जाएं।
- 2. न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानून बनाया जाए।
- 3. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया जाए।
- 4. किसानों का कर्जा माफ किया जाए।
- 5. 26 जनवरी के दिन पकड़े गए किसानों व ट्रैक्टर को छोड़ा जाए व सभी केस वापस लिए जाएं।