चंडीगढ़। भाजपा नेताओं पर हमले के विरोध में पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने रविवार को मार्च निकालकर यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल और एसडीएम हरजीत संधू को तीन मांगों का एक पत्र सौंपा। भाजपा नेताओं की पहली मांग यह है कि पूरे घटनाक्रम की जांच करवाकर सुरक्षा में हुई चूक की जिम्मेदारी तय की जाए। दूसरी मांग है कि अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जबकि तीसरी मांग शहर के अमन चैन व भाई चारे को खराब करने वाले लोगों पर अंकुश लगाने की है।
भाजपा नेताओं ने यूटी प्रशासन के अधिकारियों के सामने यह भी सवाल उठाया कि कार्यक्रम से एक दिन पहले भाजपा नेता संजय टंडन ने डीजीपी को एक वीडियो क्लिप भेजी थी, जिसमें कुछ लोग कार्यक्रम के दौरान विरोध करने की बात कर रहे थे। डीजीपी ने आश्वासन दिया था कि कार्यक्रम में सुरक्षा के पूरे इंतजाम होंगे। चिंता की कोई बात नहीं। इसके बावजूद असामाजिक तत्व हमला करने में कामयाब कैसे हो गए। भाजपा नेताओं ने कहा कि किसानों के भेष में असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस को मजबूर कर मनमानी करना चंडीगढ़ जैसे शांतिप्रिय एवं संवेदनशील शहर के लिए ठीक नहीं है। बाहर से आकर कोई भी हमारी पुलिस को मजबूर कर राजनीतिक दलों नेताओं पर जानलेवा हमला कर दे तो इससे शहर का माहौल खराब होगा।
पार्टी ने चेतावनी दी कि पुलिस ने इन गुंडों पर अंकुश नहीं लगाया तो भाजपा के कार्यकर्ता ऐसे अराजक तत्वों को मुंहतोड़ जवाब देंगे।
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि जिस प्रकार उपद्रवियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने दिया गया, ट्रैक्टरों से मार्केट के तीन रास्ते बंद कर दिए, उससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिह्न लगना स्वाभाविक है। कार्यक्रम से पहले पुलिस को सभी तथ्य उपलब्ध करवाने के बाद भी जिस प्रकार की लापरवाही पुलिस ने बरती है, उसका परिणाम जानलेवा हमले के रूप में सामने आया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में कोताही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर उनकी भूमिका की भी जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आगे शहर की शांति भांग हो न ही कानून व्यवस्था।