मोदी लहर से ओतप्रोत भाजपा पंजाब में पहली बार अपने बूते सियासी जमीन तलाशने उतरी है। पंथक गढ़ लोकसभा हलका खडूर साहिब से भी पार्टी हैरान करने की तैयारी में है।
खडूर साहिब हलके से जहां तमाम सियासी दल सिख चेहरे को उतार चुनावी वैतरणी पार करने में जुटे हैं। वहीं, भाजपा पहली बार हिंदू चेहरे पर दांव खेलने की तैयारी में नजर आ रही है। ऐसा इसलिए है कि तीन कृषि कानून लागू करने को लेकर किसानों के विरोध के बावजूद पंथक गढ़ में भाजपा का जनाधार पहले से कुछ बढ़ा है।
अंदरूनी सर्वे में 800 से ज्यादा बूथों पर चौंकाने वाले रुझान सामने आया हैं, जिसके बाद से तो भाजपा सिख चेहरे से इतर हिंदू चेहरे पर दांव खेलने के लिए हर पहलू का बारीकी से अध्ययन कर रही है। इस पर आगामी दिनों में चंडीगढ़ में संघ की होने वाली अहम मीटिंग में गहन मंत्रणा होना लाजमी है।
आप ने मंत्री भुल्लर को दी टिकट
पंजाब की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी ने खडूर साहिब से अपने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल, कांग्रेस और अन्य सियासी दल जीत का गणित समझने के लिए उम्मीदवार की घोषणा से अभी बच रहे हैं। इतना जरूर है कि पंथक सीट होने की वजह से यह साफ है कि चेहरा सिख ही होगा, लेकिन भाजपा यह जानते हुए भी कि पहली बार जीत का स्वाद चखना थोड़ा मुश्किल है, पर सर्वे और बढ़े आधार ने एक बारगी पहले की रणनीति को कुछ बदलने के मूड में दिखाई देने लगी है।
सियासी माहिरों के अनुसार यहीं नहीं, हलके से भी हिंदू उम्मीदवार की मांग लगातार उठने लगी है। इसे भाजपा हाईकमान नजरंदाज करने की भूल नहीं करने वाला है।
तरनतारन-कपूरथला से पांच टकसाली भाजपाई ठोक रहे ताल
सियासी जानकारों के अनुसार अब तक पंजाब में भाजपा-शिअद के साथ गठबंधन के दम पर अपनी पार्टी का झंडा बुलंद करती आई है, जिसके चलते उसे अपने आधार के बारे में सही आकलन नहीं हो पाता था। अब जब देशभर में मोदी लहर के बाद अपने बूते पंजाब की अलग सी सियासत में पैर जमाने के लिए करवाए सर्वे ने भाजपा आलाकमान को संजीवनी प्रदान की है।
सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि तरनतारन और कपूरथला से करीब पांच टकसाली भाजपाई नेता ताल ठोक रहे हैं। दावा यह भी पेश किया जा रहा है कि इन दिग्गज भाजपा नेताओं में से ही किसी को टिकट दी जानी चाहिए। हालांकि, इस पर फैसला भाजपा आलाकमान का ही मान्य होगा, लेकिन आगामी दिनों में चंडीगढ़ में संघ की होने वाली अहम बैठक में इस पर गहन मंत्रणा होगी। इसमें मिलने वाले फीडबैक को दिल्ली भाजपा दरबार तक पहुंचाया जाएगा।
भाजपा पंजाब के अंतिम चरण में चुनाव के मद्देनजर कहीं न कहीं अकाली दल से गठजोड़ होने की संभावना को भी सामने रखकर ही कोई निर्णय लेगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने नाम सहेजकर रखने की शर्त पर बताया कि अब तक खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र को पंथक सीट माना जाता रहा है, जबकि इस बार लोकसभा क्षेत्र के 800 बूथों पर हिंदू मतदाताओं का वोट 40 से 42 फीसदी है। इसलिए भाजपा को टिकट देने में जल्दबाजी न करते हुए गंभीरता से विचार करना चाहिए। इस सीट से पार्टी आलाकमान को दशकों से जुड़े हिंदू चेहरे को मैदान में उतारकर मौका प्रदान जरूरी करना चाहिए।