उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और गोवा में सत्ता पर काबिज होने के बाद भाजपा हाईकमान ने अब हरियाणा पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं। 2019 में लोकसभा चुनाव के एकदम बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में फिर से सरकार बनाने के लिए पार्टी ने कमर कस ली है। हरियाणा को पीएम नरेंद्र मोदी व भाजपा हाईकमान अपने हाथ से नहीं जाने देना चाहती है। साथ ही मोदी की नजर रोहतक, हिसार और सिरसा लोकसभा सीट पर है।
रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा, हिसार से दुष्यंत चौटाला व सिरसा से चरणजीत रोड़ी इनेलो सांसद हैं। बाकी सातों संसदीय सीटों पर भाजपा का कब्जा है। मोदी अगले चुनाव में इन्हें जीतकर क्लीन स्वीप के मूड में हैं, इसलिए अभी से संगठन की मजबूती पर काम शुरू हो गया है। शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, उमा भारती व पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को कमान सौंपी है। 13 अप्रैल को तीनों बड़े नेता रोहतक, हिसार व फतेहाबाद में बैठकें करेंगे।
भाजपा प्रदेश मीडिया विभाग के प्रमुख राजीव जैन ने बताया कि पार्टी ने वर्ष 2014 में हारी हुई 120 लोकसभा सीटों पर संगठनात्मक कैडर को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर वरिष्ठ मंत्री, वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी लोकसभा क्षेत्रों में जाकर पार्टी पदाधिकारियों से रू-ब-रू होंगे। पीयूष गोयल रोहतक, केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती हिसार व भाजपा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय फतेहाबाद (सिरसा लोकसभा) में संगठनात्मक बैठक लेंगे।
तीनों लोकसभा क्षेत्रों में शक्ति केंद्र सम्मेलन आयोजित कर पार्टी कार्यकर्ताओं को मोदी सरकार की उपलब्धियों, जीएसटी से होने वाले फायदे और भीम एप की उपयोगिता से अवगत कराया जाएगा। पीएम मोदी के जागरूकता अभियान का मकसद 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में इन सीटों को जीतने के लिए अभी से रणनीति बनाकर काम करना है।