भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी को बुधवार दो घंटे तक सलाहकार का इंतजार करना पड़ा। इस दो घंटे में भाजपाई धारा-144 को लेकर खूब उलझे।
प्रशासन की ओर से बुधवार को ही सचिवालय में यह धारा लागू कर दी थी जिस कारण पुलिस की ओर से सचिवालय की पार्किंग में भीड़ न इकट्ठा करने के आदेश दिए गए लेकिन भाजपाई इसके लिए तैयार नहीं हुए।
इस दौरान भाजपा के सचिव रमेश निक्कू की एक पुलिस कर्मचारी के साथ जमकर बहस भी हुई।
नौबत हाथापाई तक आ गई थी। डीएसपी आशीष कपूर का आरोप था कि निक्कू ने प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिस कर्मचारी को गाली दी जबकि निक्कू ने कहा कि ऐसा नहीं हुआ है।
निक्कू ने इसके विपरीत पर पुलिस पर दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया।
एक बार तो माहौल इतना गरम हो गया कि डीएसपी आशीष कपूर ने सेक्टर-3 थाना प्रभारी हरजीत सिंह को धारा-144 तोड़ने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए कहा और निक्कू पर भी कार्रवाई करने के आदेश दे दिए लेकिन बाद मे भाजपा अध्यक्ष संजय टंडन और सीनियर नेताओं के हस्ताक्षेप के बाद मामला शांत करवाया गया।
नेताओं का कहना है कि अगर धारा-144 लगानी ही थी तो प्रशासन को एक दिन पहले पब्लिक नोटिस जारी कर इसकी जानकारी देनी चाहिए।
उधर जब नेता प्रशासन के अधिकारियों से मिलने के लिए पहुंचे हुए थे तब कालोनी नंबर-5 में कार्रवाई चल रही थी।