उल्लेखनीय है कि सनी देओल का यह बयान गुरप्रीत सिंह पलहेड़ी को आधिकारिक तौर पर प्रतिनिधि नियुक्त किए जाने के बाद पनपे विवाद तथा कांग्रेसी नेताओं की ओर से कसे जा रहे तंज के बाद ट्विटर पर आया है।
वहीं 26 जून को उनके कैंप ऑफिस जनपथ से जारी पत्र के जरिए सनी देओल ने महत्वपूर्ण मुद्दों और मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए गुरप्रीत पलहेड़ी को अपना प्रतिनिधि बनाया था। जो आधिकारिक बैठकों में भी हिस्सा ले सकते हैं। इस पर कांग्रेस नेताओं ने सनी पर कड़े प्रहार किए और आम लोगों ने भी काफी खिंचाई की थी।