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विधानसभा: अवैध खनन पर भाजपा विधायक ने अपनी ही सरकार को घेरा, पंचायती जमीन से मलबा हटाने की मांग

Wed, 10 Aug 2022 06:40 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

खनन मंत्री मूलचंद ने कहा कि उस क्षेत्र में पंचायत की जमीन पर जहां मलबा पड़ा है, उसकी जल्द से जल्दी नीलामी की जाएगी। इसके अलावा बाउंड्री लाइन के पिल्लरों की भी जांच करवाई जाएगी।
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हरियाणा विधानसभा का मानसून सत्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा में चल रहे अवैध खनन पर नांगल चौधरी से भाजपा विधायक अभय सिंह यादव ने विधानसभा में अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा किया। विधायक ने कहा कि नांगल चौधरी विधानसभा क्षेत्र के गांव बखरीजा में नियमों के खिलाफ खनन चल रहा है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। अगर यही हालात रहे तो आने वाली पीढ़ियों को दिक्कत होगी। 

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यादव ने कहा कि इतना ही नहीं खनन करने वालों ने पंचायतों की जमीन पर ही मलबा छोड़ दिया है। खनन विभाग ने मलबा हटाने के स्थान पर उसे सीज कर दिया है और इससे ग्रामीण परेशान हैं। जवाब में खनन मंत्री मूलचंद ने कहा कि चार माह में पंचायती जमीन खाली करा ली जाएगी और कोई गड़बड़ी होगी तो कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्ट का हवाला देते हुए विधायक ने कहा कि खनन के चलते पिलरों को तोड़ दिया गया है। हालात यह है कि इतनी अधिक गहरी खुदाई की गई है कि खानों में पंप लगाकर पानी निकाला जा रहा है। विभाग को चार माह पहले इसकी पैमाइश करनी थी लेकिन आज तक रिपोर्ट नहीं आई है। विभाग के अधिकारी कोई निरीक्षण नहीं करते। मूलचंद ने कहा कि उस क्षेत्र में पंचायत की जमीन पर जहां मलबा पड़ा है, उसकी जल्द से जल्दी नीलामी की जाएगी। इसके अलावा बाउंड्री लाइन के पिल्लरों की भी जांच करवाई जाएगी।
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10 किमी परिधि में खोला जा सकेगा नर्सिंग कॉलेज
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार की नीति के अनुसार अस्पताल के 10 किलोमीटर की परीधि में पैरा मेडिकल कॉलेज या नर्सिंग कॉलेज खोला जा सकता है। यदि 10 किलोमीटर की परीधि में अस्पताल मौजूद नहीं है तो वहां नर्सिंग या पैरा मेडिकल कॉलेज खोलने का कोई प्रावधान नहीं है।

सफीदों के विधायक सुभाष गांगोली के सवाल पर मनोहर लाल ने कहा कि सफीदों में 50 बेड का अस्पताल है और जो जमीन उपलब्ध करवाई गई है, वह 10 किलोमीटर के दायरे में नहीं है, बल्कि 15 किलोमीटर तक है। यदि 12 किलोमीटर तक भी जमीन उपलब्ध होती तो नियमों में कुछ ढील देकर पैरा मेडिकल कॉलेज बनाया जा सकता था। यदि 10 किलोमीटर के दायरे में जमीन उपलब्ध हो जाएगी तो पैरा मेडिकल कॉलेज खोल दिया जाएगा।

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