जिला लोकसंपर्क एवं परिवाद समिति की बैठक में हुए एसपी-मंत्री विवाद के बाद जिले के अधिकारियों के फोन नॉट रिचेबल हो गए हैं। विवाद होने के बाद किसी भी अधिकारियों के फोन नहीं लग रहे हैं। इतना ही नहीं, शुक्रवार शाम को जिला उपायुक्त और एडीसी सहित कई अधिकारी न तो अपने दफ्तरों में थे और न ही अपने सरकारी आवास में।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सभी अधिकारियों ने इस घटना के बाद किसी गुप्त स्थान पर एक मीटिंग की है। इस मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के व्यवहार के खिलाफ अधिकारियों द्वारा रोष व्यक्त करने की भी सूचना है। जिला प्रशासन के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने इस संदर्भ में मुख्य सचिव, हिसार आयुक्त और डीजीपी को भी एक औपचारिक शिकायत भेजी है।
चंडीगढ़ बैठे अपने उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी देने की बात तो एसपी संगीता कालिया खुद मान चुकी हैं। टोहाना के विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने भी इस घटना की जानकारी मिलने की बात तो मानी लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी जोड़ा कि अभी तक उनकी स्वास्थ्य मंत्री से इस बारे में कोई बात नहीं हो पाई है। ऐसे में बिना उनसे बात किए वो कुछ भी नहीं कह सकते।
विवाद के बाद अधिकारियों ने विज पर जताई नाराजगी
पंचायत भवन में अनिल विज और एसपी कालिया के बीच हुए टकराव के बाद कुछ अधिकारियों ने डीसी के सामने भी मंत्री के व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। इतना ही नहीं, उन्होंने लोकसंपर्क एवं परिवाद कमेटी की बैठक की बाकी बची कार्यवाही में शामिल होने से भी इंकार कर दिया था।
लेकिन इस बीच एडीसी राजेश जोगपाल ने नाराज अधिकारियों को लोगों की समस्याओं के समाधान का वास्ता देकर मीटिंग में वापिस लेकर आए। बताया गया है कि इस दौरान डीसी के सामने कुछ लोकल अधिकारियों ने नारेबाजी भी की है।
देर शाम एडीसी ने एसपी से की मुलाकात
मंत्री से विवाद के बाद भी एसपी संगीता कालिया ने जिला लोकसंपर्क एवं परिवाद कमेटी की बैठक को पूरा किया। कार्यक्रम के समाप्त होने के बाद से लेकर देर शाम तक एसपी कालिया लघु सचिवालय के पास स्थित अपने सरकारी निवास पर रही। सूत्रों के अनुसार शुक्रवार देर शाम को एडीसी राजेश जोगपाल ने एसपी निवास पर पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया से मुलाकात की।
हालांकि बैठक में क्या बात हुई, इस पर कोई अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एडीसी ने एसपी को इस मामले पर लोकल अधिकारियों के रुख से अवगत कराया है।
विज ने की गुप्त बैठक, नेत्रियों को बाहर ही रोका
एसपी कालिया से विवाद के बाद जिला लोकसंपर्क एवं परिवाद कमेटी की बैठक बीच में छोड़कर निकले अनिल विज जवाहर चौक स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पहुंचे।
विज ने आरएसएस दफ्तर के बंद कमरे में संघ के लोकल नेताओं और भाजपा जिलाध्यक्ष के साथ लगभग एक घंटे तक बातचीत की। बाहर निकलने पर भी मंत्री विज ने इस बैठक के बारे में कोई भी जानकारी देने से इंकार कर दिया। उन्होंने इसे महज शिष्टाचार मुलाकात बताई।
बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विज ने इस बैठक में जाने से पहले भाजपा नेत्रियों सुनीता दुग्गल और पूर्व विधायक स्वतंत्र चौधरी को बाहर ही रुकने को बोल दिया। माना जा रहा है कि मंत्री अनिल विज ने एसपी के खिलाफ संघ के नेताओं को भी अपने पाले में लेने का प्रयास किया है।
विपक्षियों ने सरकार पर बोला हमला.........
भाजपा कार्यकर्ता खुद करते हैं शराब तस्करी का काम
एक ओर सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात करती है, दूसरी ओर सरकार के ही मंत्री एक महिला अधिकारी के साथ बदतमीजी करते हैं। भाजपा कार्यकर्ता खुद शराब तस्करी के कामों में लिप्त हैं और एसपी उनके काम में रोड़ा बन रही है, इसलिए उनके खिलाफ ये साजिश रची जा रही है।
- बलवान सिंह दौलतपुरिया, विधायक, फतेहाबाद
सीएम के साथ मंत्रियों के तालमेल नहीं
सीएम और मंत्रियों के बीच कोई तालमेल नहीं है। इससे यह साफ हो गया है। अनिल विज को सीएम न बन पाने की टीस है और इसका गुस्सा वो इस तरह से अधिकारियों पर निकाल रहे हैं। महिला अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार शोभनीय नहीं है। भाजपा के मंत्री आम मुद्दों से ध्यान हटवाने के लिए इस तरह के विवाद कर रहे हैं।
- प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व संसदीय सचिव एवं कांग्रेस नेता, फतेहाबाद
विज से नहीं हुई है बात
घटना की जानकारी तो मिली है लेकिन स्वास्थ्य मंत्री से अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है जिसके कारण बिना उनका पक्ष सुने मैं कोई बयान नहीं दे सकता।
- सुभाष बराला, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष