मेयर चुनाव से पहले अच्छी फॉर्म में नजर आ रही भाजपा अब दो हिस्सों में बंट गई है। आधे पार्षद हीरा नेगी को समर्थन दे रहे हैं और आधे आशा जसवाल को।
शनिवार को सांसद किरण खेर ने पंजाब भवन में पार्षदों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने नेगी और जसवाल के नाम पर सीक्रेट वोटिंग कराई। बैठक में 10 पार्षद पहुंचे थे। सूत्रों ने बताया कि पांच ने तो वोटिंग की जबकि पांच ने इस प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया। यहां तक की उन पांचों ने नेगी और जसवाल दोनों के नाम पर वोट किए।
सूत्रों से पता चला कि कुछ पार्षदों ने बैठक में कहा कि एक दिन पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सभी की राय जानी थी। अब दोबारा ऐसी बैठक कर पार्टी को डिवाइड किया जा रहा है। वहीं किरण खेर का कहना था कि कुछ पार्षद वरिष्ठ नेताओं के सामने अपनी पसंद जाहिर नहीं कर सके। इस कारण उन्हें सीक्रेट वोटिंग करानी पड़ रही है।
टंडन भी सीक्रेट वोटिंग से बाहर
वोटिंग को इतना सीक्रेट रखा गया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय टंडन भी इसमें नहीं शामिल हुए। वहीं सूत्रों का कहना है कि टंडन आशा जसवाल को समर्थन कर रहे हैं।
दूसरे, संजय टंडन और किरण खेर के बीच खींचतान भी चल रही है। इस पर भी कुछ पार्षदों ने आपत्ति जताई। पार्षदों ने कहा कि अध्यक्ष के बिना उम्मीदवार का फैसला नहीं हो सकता।
मनोनीत बोले, अब आई हमारी याद!
किरण खेर के बुलावे पर नौ में से पांच मनोनीत पार्षद बैठक में पहुंचे। शगुफ्ता प्रवीण, सुरिंदर बाहगा, सतपाल बंसल और अरुणा गोयल बैठक में नहीं पहुंच सके। बैठक में मनोनीत पार्षदों ने किरण खेर के प्रति रोष भी बताया। मनोनीत पार्षदों ने कहा कि सात महीने बाद सांसद को उनकी याद आ रही है। मनोनीत पार्षदों ने कहा कि वे 3 जनवरी को बैठक कर समर्थन पर फैसला करेंगे।
किसकी वोटिंग, किसका बायकॉट
बैठक में 10 पार्षद पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक इनमें सतिंदर सिंह, सौरव जोशी, राजेश गुप्ता, देवेश मोदगिल और हीरा नेगी ने वोटिंग की। इनके अलावा अरुण सूद, देशराज गुप्ता, राजबाला मलिक, राजिंदर कौर रत्तू और आशा जसवाल ने वोटिंग के बजाय पर्ची पर लिखे दोनों नाम पर टिक लगा दिया।