उन्होंने कहा कि आखिरकार पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को रात में खुलवा कर न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने कार्रवाई की और बंधक भाजपा नेताओं को छुड़ाया। राज्य के लिए ये हमले बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी हासिल करने के बाद डीजीपी पंजाब को भाजपा नेताओं और उनके कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
तीन नामजद समेत 150 लोगों पर केस
उधर, राजपुरा में भाजपा के जिला सचिव डॉ. अजय चौधरी समेत अन्य नेताओं व उनके परिवार को घर में बंधक बनाने के मामले में पुलिस ने तीन नामजद समेत 150 अज्ञात प्रदर्शनकारी किसानों पर केस दर्ज कर लिया है। डीएसपी गुरविंदर सिंह ने सोमवार को हाईकोर्ट में मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश की।
रिपोर्ट के अनुसार भाजपा नेताओं की बैठक की सूचना मिली थी, जिसके तुरंत बाद करीब 100 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। भाजपा नेताओं ने बैठक व प्रेसवार्ता के बारे में स्थानीय प्रशासन को सूचित नहीं किया था। हालांकि सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया और भाजपा नेताओं की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
राजपुरा के सिटी थाना पुलिस ने झड़प के दौरान जख्मी हुए सिपाही भूपिंदर सिंह के बयान पर यह मामला दर्ज किया है। इस केस में मनजीत घुमाना, हैप्पी हसनपुर और विवेक जीरकपुर के अलावा 150 अज्ञात लोग शामिल हैं। सीटी राजपुरा थाना इंचार्ज गुरप्रताप सिंह ने कहा कि भूपिंदर सिंह की हालत खतरे से बाहर है।
जख्मी सिपाही का इलाज राजिंदरा अस्पताल में चल रहा है। केस में शामिल लोगों पर आरोप है कि इन्होंने धरने प्रदर्शन के दौरान भीड़ को हिंसक बनाया। जिस कारण सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और सरकारी ड्यूटी में विघ्न डालते हुए सिपाही भूपिंदर सिंह पर जानलेवा हमला किया गया। बंधक रहे बीजेपी के नेताओं के बयान दर्ज किए जाएंगे। उनके बयान पर अगली कार्रवाई की जाएगी।