मुख्यमंत्री मनोहर लाल विधानसभा सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद अपने जवाब में कह चुके हैं कि अभिभाषण के जरिये पांच साल का जो रोडमैप दिखाया है। उसमें 12 घोषणाएं दोनों दलों के चुनावी घोषणा-पत्र में शामिल हैं।
428 वादों पर होगा विचार
सरकार का कहना है कि न्यूनतम साझा कार्यक्रम को परवान चढ़ाने के लिए बजट रोड़ा नहीं बनेगा। भाजपा ने चुनाव से पहले प्रदेश की जनता के साथ 268 और जजपा ने 160 वादे किए हैं। इन 428 वादों में 72 वादे ऐसे हैं, जो दोनों राजनीतिक दलों के चुनाव घोषणा पत्र में कहीं न कहीं मेल खाते हैं। 12 घोषणाएं तो पूरी तरह कॉमन हैं। इन वादों को पूरा करने पर मात्र 15 से 20 हजार करोड़ रुपये का बजट खर्च होना प्रस्तावित है।
बीएसी में मिली विज और दुष्यंत को जगह
बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में इस बार गृह मंत्री अनिल विज और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को जगह मिली है। पिछली बार वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु इस कमेटी में थे, लेकिन उपमुख्यमंत्री के नाते दुष्यंत चौटाला को कमेटी में शामिल किया जाएगा। कमेटी में स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता, मुख्यमंत्री मनेाहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, गृह मंत्री अनिल विज, शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा शामिल हैं।