पुलिस हिरासत में भाजपा काउंसलर सतीश कैंथ
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विधवा के प्लॉट पर कब्जा करने के मामले में सरेंडर करने के बावजूद भाजपा काउंसलर सतीश कैंथ की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। बुधवार को एक दिन का रिमांड समाप्त होने के बाद पुलिस ने उन्हें जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। पुलिस ने अदालत से केस से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज बरामद करने के लिए कैंथ की रिमांड अवधि 3 दिन और बढ़ाने की अपील की। हालांकि बचाव पक्ष के वकील की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कैंथ की रिमांड अवधि केवल एक दिन के लिए ओर बढ़ा दी।
इससे पहले सरकारी वकील ने कैंथ की रिमांड के लिए दलील दी कि कैंथ जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनसे केस से जुड़े कुछ अहम दस्तावेज बरामद करने हैं, लेकिन वह इस बारे में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। साथ ही कैंथ ने फरार चल रहे सहआरोपियों उनकी पत्नी जसवंत कौर और उनके पिता सोहन लाल के बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं दी है। सरकारी वकील ने बताया कि पुलिस को जमाबंदी में की गई छेड़छाड़ को लेकर पटवारी या संबंधित कर्मचारी के बारे में पूछताछ करनी हैं। ताकि पता किया जा सके कि जमाबंदी में छेड़छाड़ किसने की है।
बता दें कि एक दिन पहले जांच अधिकारी ने कोर्ट में बताया था कि उन्हें कोर्ट में जो जमाबंदी सौंपी गई थी उसमें कैंथ के पिता और पत्नी का नाम है, जबकि पटवारी के पास जो जमाबंदी उन्होंने देखी थी उसमें शिकायतकर्ता महिला के पति का नाम था। वहीं बचाव पक्ष के वकील गगन अग्रवाल ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस ने पहले दिन रिमांड का आधार जमाबंदी बरामद करने को बनाया था, जबकि वह उन्होंने उसी समय कोर्ट में सौंप दी थी। अब पुलिस अन्य दस्तावेज बरामद करने की बात कह रही है। जबकि उनके पास कोई दस्तावेज नहीं हैं।
वहीं जब कैंथ डेढ़ महीने की अंतरिम जमानत पर थे तो वह करीब 10 बार पुलिस थाने जांच के सिलसिले में गए थे। उस समय उनसे कोई कागजात नहीं मांगा गया था। अब अदालत में पुलिस कौन से दस्तावेज मांग रही है। वैसे भी उनके नाम पर कोई दस्तावेज नहीं हैं। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने कैंथ का एक दिन का रिमांड बढ़ दिया।
बता दें कि जिला अदालत और हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद मंगलवार को भाजपा काउंसलर सतीश कैंथ ने जिला अदालत में सरेंडर कर दिया था। इसके बाद उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया था। सेक्टर-31 थाना पुलिस ने 14 मार्च 2016 को कैंथ, उनकी पत्नी जसवंत कौर और पिता सोहन लाल के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक स्तर पर कब्जे की धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले में फिलहाल कैंथ की पत्नी और उनके पिता अभी फरार चल रहे हैं।