बूथों पर टेंट लगाने को लेकर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई। सूचना मिलते ही डीएसपी और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
कई जगह पुलिस ने बूथों के नजदीक लगे पार्टियों के टेंट को हटाया। सेक्टर-23 की मार्केट में टेंट लगाने को लेकर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बहस हई। सेक्टर-17 थाना प्रभारी दिलशेर सिंह मौके पर पहुंचे और टेंट हटवाया।
मनीमाजरा के माडन कांप्लेक्स स्कूल में बनाए गए मतदान केंद्र के पास पार्टियों ने टेंट लगा दिए। कार्यकर्ताओं के विरोध पर पुलिस टेंट हटवा दिया। मलोया और बापूधाम में भी कांग्रेेस और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच बहस हुई।
वोटरों को गाड़ियों में ला रहे थे कार्यकर्ता
अपनी-अपनी पार्टी को वोट डलवाने के लिए पार्टी के कार्यकर्ता लोगों को अपनी-अपनी गाड़ियों से मतदान केंद्र तक ला रहे थे।
पुलिस भी इन गाड़ियों के नंबर नोट कर रही थी। ज्यादातर कार्यकर्ता अपनी-अपनी पर्सनल गाड़ी में वोटर ला रहे थे। वोट डालने के बाद वोटरों को अपने घर पैदल जाना पड़ा था।
सवेदनशील बूथों के पास फ्लैग मार्च
बापूधाम, कालोनी नं. चार , खुड्डा लौहरा, मौलीजागरा, धनास के सवेदनशील मतदान केंद्र के आसपास चंडीगढ़ पुलिस सारे दिन फ्लैग मार्च करती रही। पुलिस लोगों को कह रही थी निडर होकर अपनी मर्जी से वोट डालें।
भूखे ही करते रहे ड्यूटी
पुलिस मोबाइल कैंटीन होने के बावजूद मतदान केंद्र पर तैनात चार हजार जवान खाने का इंतजार करते रहे। जवानों का कहना है कि विभाग ने उन्हें सही समय पर खाना नहीं दिया। रात का खाना करीब 12 बजे पहुंचा।
वीरवार को दिन में भी खाना लेट दिया गया। जवानों का कहना था कि मतदान केंद्र को छोड़कर कहीं नहीं जा सकते थे और ज्यादार भूखे ही ड्यूटी पर बैठना पड़ा।