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चंडीगढ़ भाजपा अध्यक्ष पद के लिए ‘झूठ’ का सहारा, सतिंदर सिंह बने पहले 'शिकार', जानें मामला

Mon, 16 Dec 2019 01:15 PM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
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भाजपा के तीन दिग्गज नेता - फोटो : फाइल फोटो
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भाजपा के संगठनात्मक चुनाव दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गए हैं। मंडल और जिलाध्यक्षों के बाद अब पूरी कवायद प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव पर सिमट गई है। अध्यक्ष पद के लिए अब साम, दाम, दंड और भेद का सहारा लिया जाने लगा है। स्थिति यह है कि रेस में एक-दूसरे को पीछे करने के लिए अब ‘झूठ’ तक का सहारा लिया जाने लगा है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सबसे आगे माने जा रहे पूर्व पार्षद सतिंदर सिंह के लिए इन दिनों झूठ फैलाया जा रहा है कि वह प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनना चाहते। पार्टी के कुछ नेता इन दिनों अलग-अलग माध्यमों से यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि सतिंदर सिंह अपना व्यवसाय देखना चाहते हैं। इसलिए अध्यक्ष पद के लिए उन्होंने मना कर दिया है जबकि यह बिल्कुल झूठ है।

सतिंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं कहा कि पार्टी उन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपती है तो वह नहीं निभाएंगे बल्कि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी वह पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। सतिंदर सिंह ने कहा कि जानबूझ कर कुछ लोगों की तरफ से इस तरह की बातें फैलाई जा रही हैं।
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उधर, सियासी गलियारों में इस बात की भी गूंज थी कि संजय टंडन के कार्यकाल को फिर से बढ़ा दिया गया है। यह भी मात्र अफवाह है। संजय टंडन ने भी इस बात की पुष्टि की है।

नए साल में मिलेगा भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष

महत्वपूर्ण बात यह भी है कि प्रदेश अध्यक्ष की दावेदारी में सांसद, पूर्व सांसद से लेकर संगठन से जुड़े पदाधिकारी और मौजूदा सरकार में मंत्री तक शहर में मौजूद अपने चहेतों के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि संसद सत्र खत्म होने के बाद हाईकमान अब प्रदेश अध्यक्षों के चुनाव पर गंभीरता से विचार कर सकता है और चयन प्रक्रिया में तेजी ला सकता है।

इस अनुसार अब 30 दिसंबर को या फिर नए साल के पहले हफ्ते में प्रदेश अध्यक्ष का चयन हो सकता है। चुनाव की अहमियत को देखते हुए केंद्रीय आलाकमान ने ऑब्जर्वर के तौर पर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल की नियुक्ति की है। पीयूष गोयल आने वाले कुछ दिनों में चंडीगढ़ भी आएंगे और प्रदेश अध्यक्ष के चयन से पहले प्रदेश भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे।

एक नाम पर नहीं बन पा रही सहमति, संघ भी जुटा
अब तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता भी नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर रणनीति तय नहीं कर पा रहे हैं। एक नाम पर सहमति बनाने को लेकर संघ के नेता भी जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार संघ की सिफारिश के बाद ही प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचन की तारीख तय होगी। हालांकि संघ लंबे समय से सामंजस्य स्थापित कर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए नेता चुनने का प्रयास कर रहा है।

यह है मुख्य गुट और दावेदार

संजय टंडन गुट : संजय टंडन वर्तमान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह इस पद पर जनवरी 2010 से काबिज हैं। संजय टंडन शहर की सत्ता पर अपनी मजबूत पकड़ को बरकरार रखने के लिए अपने ही किसी पसंदीदा को अध्यक्ष बनाने में जुटे हुए हैं। जानकारी के अनुसार टंडन की ओर से अरुण सूद, रामबीर भट्टी और चंद्रशेखर को लेकर लॉबिंग की जा रही है। इनमें अरुण सूद का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि सूत्रों के अनुसार मेयर चुनाव के समय प्रभात झा व दिल्ली के अन्य नेताओं से हुई अनबन का नतीजा संजय टंडन गुट के नेताओं को खासकर अरुण सूद व आशा जसवाल को भुगतना पड़ सकता है।

किरण खेर गुट : किरण खेर लगातार दूसरी बार शहर की सांसद चुनी गई हैं। दूसरे कार्यकाल की अभी शुरुआत ही है इसलिए सांसद खेर भी चाहती हैं कि नया प्रदेश अध्यक्ष उनकी पसंद का ही हो। जानकारी के अनुसार, खेर की तरफ से सतिंदर सिंह, संजीव वशिष्ठ और प्रदीप शर्मा के नाम भेजे गए हैं। इनमें सतिंदर सिंह सबसे आगे हैं क्योंकि सतिंदर पार्टी और संघ में कई सालों से कार्यरत हैं। वह युवा मोर्चा में भी रह चुके हैं और अफसरशाही में भी अच्छी पकड़ है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने अहम जिम्मेदारी निभाई थी। सूत्रों के अनुसार सतिंदर सिंह के लिए किरण खेर दिल्ली में भी सिफारिश कर चुकी हैं। सतिंदर सिंह की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए ही झूठ फैलाया जा रहा है।

सत्यपाल जैन गुट : शहर से दो बार सांसद और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्यपाल जैन शहर की राजनीति में काफी दिलचस्पी रखते हैं। तमाम विरोध के बावजूद कुछ साल पहले देवेश मोदगिल को शहर का मेयर बना कर उन्होंने अपनी काबिलियत का परिचय दिया था। इससे उनके विरोधी भी आश्चर्य चकित रह गए थे। जानकारी के अनुसार, जैन देवेश मोदगिल के लिए एक बार फिर से लॉबिंग कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार जैन की दिल्ली के नेताओं से भी इस संबंधित चर्चा कर चुके हैं। हालांकि संघ के पदाधिकारी देवेश मोदगिल को लेकर थोड़े असंतुष्ट है।
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मेरा कार्यकाल बढ़ाया नहीं गया है। कुछ कारणों की वजह से चयन की प्रक्रिया में देरी हुई है। जल्द ही आलाकमान की तरफ से नए प्रदेश का चुनाव संपन्न हो जाएगा। इसके लिए पार्टी की तरफ से कदम उठाए जा रहे हैं।
- संजय टंडन, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा

प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को लेकर केंद्रीय संगठन की तरफ से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को ऑब्जर्वर बनाया गया है। नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही एक नाम पर सहमति बनेगी और फिर प्रदेश अध्यक्ष का एलान कर दिया जाएगा।
- दिनेश कुमार, संगठन मंत्री, भाजपा
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