हरियाणा में सरकार का चेहरा बदलने के अगले ही दिन भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की छह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी। इन छह लोकसभा सीटों पर तीन नए चेहरे हैं और तीन मौजूदा सांसदों पर दांव लगाया गया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले मनोहर लाल को पार्टी ने करनाल से उम्मीदवार घोषित किया है। साथ ही दो महीने पहले आम आदमी पार्टी से भाजपा में शामिल होने वाले अशोक तंवर को पार्टी ने सिरसा से टिकट दिया है।
अंबाला सुरक्षित सीट से पार्टी ने दिवंगत भाजपा सांसद रतनलाल कटारिया की पत्नी बंतो कटारिया को मैदान में उतारा है। वहीं, पार्टी ने गुरुग्राम से राव इंद्रजीत सिंह, फरीदाबाद से कृष्णपाल गुर्जर और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से धर्मबीर सिंह को प्रत्याशी बनाया है। तीनों ही मौजूदा सांसद हैं।
सत्ता विरोधी लहर और आंतरिक सर्वे के परिणाम के आधार पर सांसद सुनीता दुग्गल और संजय भाटिया का टिकट कट गया है। भाजपा ने फिलहाल सोनीपत, कुरुक्षेत्र, रोहतक और हिसार सीट से उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं। इन चारों ही सीटों पर टिकटों को लेकर पेच फंसा है।
| लोकसभा सीट |
प्रत्याशी |
| सिरसा |
अशोक तंवर |
| करनाल |
मनोहर लाल |
| भिवानी |
धर्मबीर सिंह |
| फरीदाबाद |
कृष्णपाल गुर्जर |
| अंबाला |
बंतो कटारिया |
| गुरुग्राम |
राव इंद्रजीत सिंह |
करनाल से मनोहर के लड़ने से अब यहां से मौजूदा सांसद संजय भाटिया के विधानसभा चुनाव में उतरने की संभावना है। भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा है। सिरसा से अशोक तंवर कांग्रेस के टिकट पर 2009 में सांसद चुने गए थे। 2014 व 2019 के चुनाव में वे हारे। भाजपा में शामिल होने से पहले वह पांच साल में तीन पार्टी बदल चुके थे। अंबाला से प्रत्याशी बंतो कटारिया भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। उनके पति रतनलाल कटारिया के देहांत के बाद माना जा रहा था कि पार्टी उन्हें अंबाला से ही उतारेगी।
गुरुग्राम से सांसद राव इंद्रजीत की दावेदारी पक्की थी। वह पूर्व सीएम राव बीरेंद्र सिंह के बेटे हैं और कई बार इस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। फरीदाबाद से कृष्ण पाल गुर्जर का भी टिकट पक्का माना जा रहा था। भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट से पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र सिंह यादव के नाम की चर्चा थी लेकिन पार्टी ने उन्हें अलवर से टिकट देकर मौजूदा सांसद धर्मबीर सिंह की राह आसान कर दी थी।
किसका-कितना मजबूत पक्ष
मनोहर लाल: उम्र 69, दो बार विधायक रहे, पूर्व सीएम
मजबूत पक्ष : साफ व ईमानदार छवि, पंजाबी समुदाय से, करनाल से ही विधायक रहे।
राव इंद्रजीत: उम्र 73 साल, पांच बार से सांसद
मजबूत पक्ष: पारंपरिक सीट, दक्षिण हरियाणा में मजबूत पकड़, साफ छवि, इलाके में लोकप्रिय हैं
कृष्णपाल गुर्जर: उम्र 67 साल, तीन बार विधायक, एक बार राज्य मंत्री, दो बार सांसद और दो बार से केंद्रीय मंत्री
मजबूत पक्ष: दो बार से रिकॉर्ड मतों जीत, जमीनी नेता
चौ. धर्मबरी सिंह: उम्र 69 साल, चार बार से विधायक, दो बार से सांसद
मजबूत पक्ष: इलाके में लोकप्रियता, जाट-यादव बहुल होने से जातीय समीकरण में फिट
अशोक तंवर: उम्र 48 साल, एक बार सांसद, कांग्रेस व एनएसयूआई के पूर्व अध्यक्ष
मजबूत पक्ष: दलित व युवा चेहरा, मजबूत टीम है, इलाके में जाना-पहचाना चेहरा
बंतो कटारिया: उम्र 65 साल, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष
मजबूत पक्ष: मुखर वक्ता, रतनलाल कटारिया की सहानुभूति