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बर्ड फ्लू की आशंका से सहमे कारोबारी, चंडीगढ़ में चिकन की बिक्री कम हुई, अंडे के दाम भी घटे

Fri, 08 Jan 2021 01:36 PM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
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बर्ड फ्लू - फोटो : अमर उजाला
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देश के पांच राज्यों में बर्ड फ्लू फैलने और बरवाला में मुर्गियों की मौत के बाद बने माहौल का असर चंडीगढ़ में भी चिकन और अंडों के कारोबार पर देखने को मिला है। इसका व्यापार करने वालों के मुताबिक चिकन और अंडे के दामों में 20 फीसदी तक गिरावट आई है। वहीं कारोबार भी करीब 40 फीसदी कम हुआ है।

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चंडीगढ़ में अंडे और चिकन का कारोबार करने वाले थोक व्यापारियों का कहना है कि अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले कुछ दिनों में और भी दाम गिर सकते हैं। शहर में अभी तक बर्ड फ्लू का एक भी मामला नहीं पाया गया है, लेकिन इसके बावजूद अंडे व चिकन कारोबार पर असर पड़ना शुरू हो गया है। खपत कम होने से चिकन के दाम भी कम हो गए हैं।

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व्यापारियों का कहना है कि लोगों पर पड़े मानसिक असर के कारण लोगों ने अंडे और चिकन खाना कम कर दिया हैं, जबकि सर्दियों में अंडे और चिकन की खपत बढ़ जाती है। उधर, मछली के शौकीन अभी मछली की खूब खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में मछली एक हजार रुपये से लेकर 1500 रुपये किलो तक बेची जा रही है।

180 से 160 रुपये पहुंचा अंडे के ट्रे के दाम
अंडे और चिकन का व्यापार करने वाले व्यापारी सुरेश नागपाल कहते हैं कि कुछ दिन पहले तक अंडे की ट्रे के दाम 180 रुपये तक पहुंच गए थे, लेकिन पिछले कुछ ही दिनों में यह रेट 160 रुपये प्रति ट्रे तक आ गए हैं। यही रुझान रहा तो आने वाले कुछ दिनों में और गिरावट देखी जा सकती है। 

एक अन्य व्यापारी ने बताया कि कुछ दिन पहले 200 रुपये से ऊपर प्रति किलो तक चल रहा चिकन अब 180 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। मांग कम होने के चलते व्यापारी करीब 40 फीसदी तक माल कम मंगा रहे हैं।

कोरोना के बाद अभी संभल ही रहा था बाजार, फिर से झटका
कोरोना के बाद चिकन और अंडे का बाजार अभी संभल ही रहा था कि इस बीच बर्ड फ्लू का संकट पैदा हो गया है। चिकन व अंडे के थोक व्यापारी हितेश का कहना है कि बर्ड फ्लू का वायरस मुर्गियों में देखने को नहीं मिला है। इसलिए पक्षियों की मौत के बाद मुर्गियों को इस दृष्टि से देखा जाना उचित नहीं होगा। हालांकि इन सब घटनाओं का असर मानसिक रूप से पड़ना स्वाभाविक है। 
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पिछले साल कोरोना की शुरुआत में अफवाह फैली थी कि चिकन और अंडे खाने से कोरोना वायरस फैलता है। तब लोगों ने चिकन और अंडे खाने बंद किया था। उस दौरान पोल्ट्री उद्योग को भारी नुकसान हुआ था। कई महीने का संकट झेलने के बाद में अब पोल्ट्री उद्योग पटरी पर आया लेकिन अचानक बर्ड फ्लू की दस्तक से इस उद्योग पर फिर से खतरा मंडराने लगा है। वह लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं कि हम अंडे और चिकन कच्चा नहीं खाते हैं, ऐसे में हमें डरने की फिलहाल कोई जरूरत नहीं है।

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