पीयू में बनाया गया बायोगैस प्लांट।
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में चार साल बाद बायोगैस प्लांट लग गया है। ऐसे ही दो और प्लांट सेक्टर- 25 स्थित कैंपस में स्थापित होंगे। इसकी योजना तैयार हो रही है। रकम मंजूर होते ही काम शुरू हो जाएगा। इस प्लांट के जरिए छात्रावासों से निकलने वाले हरे कचरे का निपटारा होगा और उससे गैस बनेगी। इसी गैस के जरिए छात्रावासों में खाना आदि पक सकेगा।
नैक की टीम ने वर्ष 2015 में बायोगैस प्लांट न होने पर यह स्थापित करने को कहा था। इस प्लांट के न होने के कारण पीयू को उस दौरान कम अंक भी दिए गए थे। यह नैक का महत्वपूर्ण बिंदु था। इस प्लांट की स्थापना के लिए कई प्रयास हुए, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। स्वच्छता अभियान के अंतर्गत भी यह प्लांट लगना था। पिछले साल इस प्लांट के लिए 14 लाख रुपये मंजूर हुए। काम शुरू होना था, लेकिन कोरोना आ गया और प्रस्ताव ठंडे बस्ते में जा पहुंचा। अब कुछ दिनों पहले इसका निर्माण शुरू हुआ। यह लगभग बनकर तैयार हो गया है। एक सप्ताह में यह संचालित होगा। यह प्लांट सेक्टर- 14 स्थित छात्रावासों से निकलने वाले हरे कचरे का निस्तारण कर सकेगा। इसकी क्षमता अधिक नहीं है इसलिए पीयू के सेक्टर- 25 स्थित कैंपस के लिए अलग से दो प्लांट स्थापित करने होंगे। इसकी योजना बन रही है।