पंजाब, हिमाचल, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर को बिजली सप्लाई देने वाला रणजीत सागर बांध भी पावरकॉम का कर्जदार है। आरएसडी के सिंचाई विभाग पर पावरकॉम का 73 करोड़ रुपये बकाया है। वहीं जिले भर के ग्रामीण इलाकों में पानी मुहैया करवाने वाले वाटर सप्लाई एंड सैनिटेशन का सबसे अधिक 116 करोड़ रुपये बकाया है। इसके अलावा नगर निगम के 55 ट्यूबवेल, 6 हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट्स और दफ्तरों का दोनों डिवीजनों में 50 करोड़ के करीब बकाया है।
विभागों को बकाया जमा करवाने के लिए कई बार नोटिस भिजवाए जा चुके हैं। अब उच्चाधिकारियों से कनेक्शन काटने के आदेश मिले हैं। कुछ के कनेक्शन काटे गए हैं। जल्द ही बाकी के कनेक्शन भी काटे जाएंगे। सभी विभागों को 7 दिन में बिजली बिल जमा करवाने संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं। - गगन भास्कर, सीनियर एक्सईएन, अर्बन डिवीजन
रेहड़ी मार्केट और गांधी चौक एरिया में नगर निगम की स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन काटे गए हैं। 7 दिन में बकाया जमा न करवाया तो और भी कनेक्शन काटे जाएंगे। - कुलदीप सिंह, सीनियर एक्सईएन, सब अर्बन डिवीजन
इन विभागों पर पावरकॉम का बकाया
- विभाग बकाया
- जन सेहत विभाग 116 करोड़
- आरएसडी 73 करोड़
- नगर निगम 50.73 करोड़
- जुडीशियल कांप्लेक्स 71 लाख
- मिनी सचिवालय 42 लाख
- सब जेल 22.95 लाख
- नगर सुधार ट्रस्ट 19 लाख
- बीएसएनएल 14.50 लाख
- जिला पुलिस 6 लाख
- मिनी सचिवालय में 18 के करीब विभागों के दफ्तर हैं।