पंजाब में रयात-बाहरा और जीएनएयू दो नए निजी विश्वविद्यालय होंगे। मंगलवार को विधानसभा में दो निजी यूनिवर्सिटी संबंधी बिल पारित कर दिया गया।
इस दौरान सदन में विपक्ष ने बिल पर यह कहते हुए आपत्ति जताई कि इन दोनों संस्थानों द्वारा प्रदेश में चलाए जा रहे कालेजों में विद्यार्थियों को लूटा जा रहा है। रयात रयात-बाहरा के मोहाली में और जीएनए के फगवाड़ा में कालेज चल रहे हैं।
सदन में कांग्रेस विधायक कुलजीत सिंह नागरा, चरनजीत सिंह चन्नी और अजीत इंद्र सिंह मोफर ने निजी यूनिवर्सिटी के गठन का विरोध करते हुए कहा कि यहां छात्रों की लूट होती है। इनका गठन नहीं होना चाहिए।
भाजपा विधायक मनोरंजन कालिया और शिअद के पवन कुमार टीनू ने कहा कि इन यूनिवर्सिटी पर नजर रखने के लिए एक सिस्टम बनाया जाना चाहिए।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री मदन मोहन मित्तल और शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने इन यूनिवर्सिटी का समर्थन करते हुए कहा कि इन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को शिक्षा प्रदान करने में अहम योगदान दिया है। इसके बाद यह बिल ध्वनिमत से पारित हो गए। सदन के बाहर नागरा ने कहा कि वह इसके खिलाफ अदालत जाएंगे।
विरोध के बीच यह बिल भी पारित
मंगलवार को बजट सत्र के अंतिम दिन पीटीयू का नाम पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के नाम पर रखने, पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी बनाने, कॉलोनाइजरों द्वारा निर्धारित समय में सुविधाएं प्रदान न करने पर सजा का प्रावधान, बसों का प्रति किलोमीटर टैक्स 1000 रुपये सालाना बढ़ाने सहित कुल 15 बिल जबरदस्त बहस के बीच पारित हुए। कांग्रेस ने प्रॉपर्टी टैक्स समाप्त करने की मांग उठाते हुए सदन से वॉकआउट भी किया।