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Amritpal: हथियार, नक्शा और नोट, भयानक थे एकेएफ के इरादे; तो क्या अमृतपाल एक मोहरा है?

Fri, 24 Mar 2023 03:58 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

Amritpal Singh Khalistan Movement: खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सात दिन बाद भी पंजाब पुलिस की पकड़ से दूर है। वह वेश और गाड़ी बदलकर लगातार पुलिस को चकमा दे रहा है। वह पंजाब से फरार होने के बाद हरियाणा के कुरुक्षेत्र में रुका था। इसके बाद अब उसके उत्तराखंड के रास्ते नेपाल भागने का अंदेशा जताया जा रहा है। 
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अमृतपाल के खतरनाक इरादे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वारिस पंजाब दे संगठन का मुखिया अमृतपाल सिंह के बारे में लगातार बड़े खुलासे हो रहे हैं। खालिस्तान के लिए वह किस हद तक जुनूनी था, इसका अंदाजा उन फोटो और वीडियो से लगाया जा सकता है जो शुक्रवार को खन्ना पुलिस ने जारी किए। खन्ना पुलिस को अमृतपाल के गनमैन के मोबाइल से कुछ ऐसे वीडियो और फोटो मिले हैं जिससे पता चलता है कि अमृतपाल खालिस्तान बनाने की पूरी तैयारी में जुटा था। 

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बना रखे थे दो व्हाट्सऐप ग्रुप
खन्ना एसएसपी अमनीत कौंडल ने शुक्रवार को पत्रकारवार्ता में बताया कि अमृतपाल ने आनंदपुर खालसा फौज के नाम से एक व्हाट्सऐप ग्रुप बना रखा था। इसमें 10 सदस्य थे। इसके अलावा उसने अपना एक और ग्रुप बना रखा था जिसका नाम अमृतपाल टाइगर फोर्स था। उसमें अमृतपाल के करीबी ही थे। 
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हथियार असेंबल करना भी सिखाता था 
गनमैन गोरखा बाबा के मोबाइल से फायरिंग रेंज के वीडियो मिले हैं। अमृतपाल अपने समर्थकों को न केवल हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहा था बल्कि उन्हें हथियार असेंबल करना भी सिखा रहा था। इसके अलावा एकेएफ के सदस्यों को बुलेटप्रूफ जैकेट भी मुहैया करवाई गई थी। 

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खालिस्तान का झंडा और अपनी करेंसी थी तैयार
अमृतपाल ने आनंदपुर साहिब फोर्स की बेल्ट भी तैयार करवा ली थी। इसके अलावा एकेएफ के टैटू और खालिस्तान का झंडा भी तैयार करवा चुका था। अमृतपाल खालिस्तान में डॉलर चलाना चाहता था। उसने अपनी करेंसी भी तैयार की है। इसमें एक तरफ जरनैल सिंह भिंडरावाले और दूसरी तरफ श्री हरमंदिर साहिब की फोटो लगी है।



गोरखा बाबा के मोबाइल से खालिस्तान का नक्शा भी मिला है। वहीं पाकिस्तानी लाइसेंस की नकल भी मोबाइल से मिली हैं। गोरखा के मोबाइल से गुरभेज नाम के व्यक्ति के हाथ पर बना एकेएफ का टैटू भी मिला है। पुलिस के अनुसार गोरखा बाबा ने पूछताछ में माना कि उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट इसी गुरभेज ने लाकर दी थी। अमृतपाल के इरादे इतने बुलंद थे कि उसने सिख रियासतों के झंडे तक तैयार कर लिए थे। 

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