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जिस IAS अफसर को पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने हटाया, उसे कैप्टन ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

Mon, 26 Jun 2017 11:07 AM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
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कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : File Photo
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जिस आईएएस अफसर को पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने हटा दिया था, उस अफसर को वर्तमान मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी है। पूर्व मुख्यमंत्री बादल ने आईएएस अधिकारी कृष्ण कुमार को 14 फरवरी 2011 में शिक्षा विभाग के डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन के पद से हटा दिया था। उन्हीं को अब कैप्टन ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने की जिम्मेदारी सौंपी है। कृष्ण कुमार को शिक्षा विभाग का सचिव लगाया गया है।
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शिक्षा विभाग से हटाए जाने के बाद कृष्ण कुमार केंद्र सरकार में डेपुुटेशन पर चले गए। वहां  लंबे समय तक पीएमओ में तैनात रहे। कृष्ण कुमार जालंधर, नवांशहर समेत कई जिलों में अहम पदों पर तैनात रह चुके हैं। उनकी शिकायत पर जालंधर के सीनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया को सजा तक हो चुकी है। जिस समय कृष्ण कुमार को पूर्व सीएम ने डायरेक्टर जनरल स्कूल एजुकेशन लगाया था अपने कार्यकाल में उन्होंने एक क्रांति खड़ी कर दी थी।

सरकारी स्कूलों को डिजिटल करने का पूरा दारोमदार उनके कंधों पर था। उन्होंने स्कूलों को कंप्यूटर देकर सारा काम आनलाइन शुरू करवा दिया था। स्कूलों में हाई स्पीड इंटरनेट के अलावा रोजाना का डाटा, सारा पत्राचार ई-मेल से शुरू करवा दिया था। साथ ही पंजाब सरकार में इन सर्विस सेंटरों के अलावा डाइट व अन्य संस्थानों को काफी शक्तियां प्रदान की। स्कूलों में जाकर शिक्षा का स्तर ऊंचा उठाने की जिम्मेदारी दी।
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यही नहीं सूबे के सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों व लेक्चरर को अपग्रेड करने के लिए जिला स्तर पर एमएमटी व ब्लॉक स्तर पर अधिकारी तैनात किए जो रोजाना स्कूलों में जाकर फैकल्टी को भी अपग्रेड करते रहे। इसकी रोजाना रिपोर्ट डीजीएसई कार्यालय में मंगवाकर उसका विश्लेषण किया जाता रहा। सूबे में सर्व शिक्षा अभियान के तहत कई स्कूलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर से लेकर आधुनिकरण भी कृष्ण कुमार ने किया। हालात ये बन गए थे कि किस सरकारी स्कूल में कब कौन चेकिंग पर आ जाए कुछ भरोसा नहीं था।
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शिक्षकों की भर्ती पर पूर्व डीजीएसई व पूर्व शिक्षा मंत्री में ठनी थी

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह
इस बीच 2010 में सर्व शिक्षा अभियान में भर्ती हुए शिक्षकों को लेकर पूर्व डीजीएसई कृष्ण कुमार व पूर्व एजुकेशन मंत्री सेवा सिंह सेखवां के बीच ठन गई। सेखवां ने इस शिक्षकों को अपनी मर्जी से स्टेशन अलाट कर ज्वाइन करने के आदेश जारी कर दिए, लेकिन कृष्ण कुमार ने इस पर रोक लगा दी। मंत्री व आईएएस अधिकारी के बीच खटास का मामला पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के पास पहुंचा तो उन्होंने मंत्री के प्रेशर में आईएएस अधिकारी कृष्ण कुमार का तबादला नेशनल रूरल हेल्थ मिशन में कर दिया।  

आक्रामक रुख के कारण दो माह के बाद ही हुआ था स्थानांतरण
1997 बैच के आईएएस अधिकारी कृष्ण कुमार ने शुरू से ही आक्रामक रुख रखा है। वे जालंधर में एसडीएम तैनात थे तो साल 2000 में दो तहसीलदारों को 2.73 लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले का ब्रेक कर कई अर्जी नवीसों पर भी केस दर्ज करवा दिया। उन्हें इस रुख का खामियाजा भुगतना पड़ा और महज दो माह के बाद ही उनको स्थानांतरित कर दिया गया।

उनका दूसरा सबसे लंबा कार्यकाल डीसी, नवांशहर के रूप में था, जहां उन्होंने स्त्री भेदभाव पर सख्त जांच करके अनुचित लिंग अनुपात को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी यहां पर भी नेताओं से खटास हुई तो नतीजा तबादला हो गया। अब दोबारा कृष्ण कुमार शिक्षा विभाग में तैनात हैं और इस पर उनके कंधों पर सचिव का पदभार है।
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