फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh News: फ्रीहोल्ड सोसाइटियों के निवासियों को बड़ी राहत, सेल-ट्रांसफर डीड के लिए नहीं लेनी होगी एनओसी

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। शहर के 55 फ्रीहोल्ड को-ऑपरेटिव सोसाइटियों में रहने वाले 3,570 फ्लैट्स के निवासियों के लिए राहत की खबर है। प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी से सेल-ट्रांसफर डीड के लिए अनिवार्य एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है। इस फैसले से निवासियों को संपत्ति के लेनदेन में सरलता और समय की बचत होगी।
विज्ञापन

पहले चंडीगढ़ में रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी (आरसीएस) के कार्यालय को इन सोसाइटियों में आवासीय इकाइयों के लिए सेल डीड, गिफ्ट डीड, फैमिली ट्रांसफर डीड और म्यूचुअल ट्रांसफर डीड जैसे दस्तावेजों को निष्पादित करने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदान करना आवश्यक था। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शुक्रवार को ऐसे कार्यों के लिए आरसीएस से पूर्व अनुमोदन की आवश्यकता को समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका मतलब यह है कि फ्रीहोल्ड कॉपरेटिव हाउसिंग सोसाइटियों में रहने वाले लोग अब रजिस्ट्रार को-ऑपरेटिव सोसाइटी से एनओसी की आवश्यकता के बिना सेल डीड, गिफ्ट डीड, फैमिली ट्रांसफर डीड और म्यूचुअल ट्रांसफर डीड और इसी तरह के कानूनी दस्तावेजों को निष्पादित करने में सक्षम होंगे, जो इन समितियों में संपत्ति लेनदेन की प्रक्रिया को सरल बनाता है। इस फैसले का लाभ चंडीगढ़ की उन 55 फ्रीहोल्ड सोसाइटियों को मिलेगा जो पहले रजिस्ट्रार के अधीन थीं। इन सोसाइटियों के 3,570 फ्लैट्स में रहने वाले लोगों को अब संपत्ति बेचने या हस्तांतरित करने के लिए एनओसी के लिए रजिस्ट्रार के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। प्रशासन का यह कदम प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और निवासियों के समय व संसाधन बचाने, निवासियों के अधिकारों को सुनिश्चित करने और संपत्ति लेनदेन को सुगम बनाने के लिए किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें