फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chandigarh: पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों को बड़ी राहत, 60 की उम्र में नहीं होंगे रिटायर

Mon, 10 Oct 2022 10:10 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 19 सितंबर को अंतरिम आदेश को हटाते हुए मुख्य अपील पर जनवरी 2023 में सुनवाई तय की थी। अंतरिम आदेश हटाने के खंडपीठ के निर्णय के बाद प्रोफेसरों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने अब प्रोफेसरों को राहत देते हुए हाईकोर्ट के 19 सितंबर के आदेश पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों को बड़ी राहत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की खंडपीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें 65 की आयु में रिटायर होने के आदेश वापस ले लिए थे। इन आदेशों के चलते पीयू के प्रोफेसरों को 60 की उम्र में ही रिटायर होना था लेकिन नए आदेश के मुताबिक पीयू के शिक्षक फिलहाल 65 की आयु या केस पर फैसला आने तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

विज्ञापन

 
पीयू के प्रोफेसरों ने रिटायरमेंट की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने की मांग की थी। प्रोफेसरों की इस मांग को मानने से पंजाब और केंद्र सरकार ने इन्कार कर दिया। इसके खिलाफ पीयू के 50 से अधिक प्रोफेसरों ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष याचिका दाखिल की। सिंगल बेंच ने इन याचिकाओं को खारिज कर 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके प्रोफेसरों को तत्काल रिटायर करने का आदेश दिया। 

सिंगल बेंच के फैसले को शिक्षकों ने खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इन प्रोफेसरों को पुनर्नियुक्ति के जरिए सेवा में लेने और वेतन जारी करने का आदेश दिया।  सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट खंडपीठ द्वारा लगाई गई रोक के चलते 61 प्रोफेसर ऐसे थे, जो 65 वर्ष की आयु पूरी कर चुके थे या सेवाएं देते रहे। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने रोक को हटाते हुए कहा था कि अब रोक को जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। 
विज्ञापन


19 सितंबर को अंतरिम आदेश हटाए थे
हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 19 सितंबर को अंतरिम आदेश को हटाते हुए मुख्य अपील पर जनवरी 2023 में सुनवाई तय की थी। अंतरिम आदेश हटाने के खंडपीठ के निर्णय के बाद प्रोफेसरों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल की। सुप्रीम कोर्ट ने अब प्रोफेसरों को राहत देते हुए हाईकोर्ट के 19 सितंबर के आदेश पर रोक लगा दी है। ऐसे में अब शिक्षक याचिका लंबित रहते 60 की आयु में रिटायर होने को मजबूर नहीं होंगे।

आदेश के बाद 58 टीचर तुरंत रिलीव कर दिए गए थे
हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी ने 58 टीचर तुरंत रिलीव कर दिए गए थे। पहले से ही फैकल्टी की कमी से जूझ रही पीयू के लिए यह आदेश बड़ा झटका था। पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (पुटा) ने कहा कि अनुभवी लोगों को एक साथ रिटायर करने से व्यवस्था एकदम से डगमगा जाती। नेक रैंकिंग के अनुसार छात्रों और शिक्षकों का अनुपात पहले से ही गड़बड़ है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला राहत लेकर आया है। अब इस मामले में बैठक कर आगामी योजना पर विचार करेंगे।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें