हरियाणा रोडवेज में आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट वन और टू के तहत नियुक्त लगभग नौ सौ कर्मचारियों की नौकरी पर मंडरा रहा खतरा टल गया है। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों को आउटसोर्स कर्मियों को नौकरी से न हटाने के आदेश दिए हैं।
विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह के आदेश पर जीएम ने 2016 में आउटसोर्सिंग पर रखे गए 350 चालकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी थी।
तीन सौ परिचालकों व लगभग ढाई सौ वर्कशॉप कर्मियों को हटाने का काम अभी शुरू नहीं हुआ था। परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि वर्ष 2016 में अनुबंध आधार पर रखे गए लगभग 350 चालकों को लेकर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। महाप्रबंधक इस संबंध में समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल से इनकी सेवाएं समाप्त न करने के संबंध में अनुरोध किया गया है और तब तक इनकी सेवाएं जारी रहेंगी।
पंवार ने यहां राज्य परिवहन मंडल की 95वीं बैठक के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इन चालकों को एक वर्ष के लिए रखा गया था और यह शर्त थी कि नियमित चालकों के आने के बाद इनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। वर्ष 2017 और 2018 में इन्हें एक्टेंशन प्रदान की गई थी जो 2019 तक जारी थी।
अब विभाग के पास फ्लीट के मुताबिक पर्याप्त स्टाफ है, बावजूद इसके फिलहाल इनकी सेवाएं समाप्त नहीं की जाएंगी। इन चालकों को एडजस्ट करने के लिए विभाग जल्द ही 367 बसें और खरीदेगा। जिनमें 15 वोल्वो बसें भी शामिल हैं। ऐसे सभी चालकों को इन बसों पर तैनात करने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।