चंडीगढ़ के लिए मंगलवार का दिन भी राहत भरा रहा। लगातार पांचवें दिन भी कोरोना का कोई पॉजिटिव केस नहीं मिलने से प्रशासनिक अफसरों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने भी राहत की सांस ली। बता दें कि अब तक चंडीगढ़ में सात कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। इसके बाद अब शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 11 रह गई है। इन मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है।
बता दें कि बीते 2 अप्रैल के बाद से चंडीगढ़ में कोई भी नया मरीज सामने नहीं आया है। चंडीगढ़ में अब तक कुल 18 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए थे, जिनमें से 7 के ठीक होकर घर लौट चुके हैं। लेकिन कोरोना से जंग अब भी जारी है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सोशल डिस्टेंस और लोगों की जागरूकता का ही असर है जो पॉजिटिव मरीजों की संख्या 18 पर स्थिर हो गई है।
सेक्टर-16 स्थित जीएमएसएच के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. वीके नागपाल का कहना है कि सोशल डिस्टेंस का सामान्य अर्थ लोगों से दूरी बनाए रखना है। अगर बाहर जाते हैं तो लोगों से कम से कम 6 फीट की दूरी बेहद जरूरी है। कोरोना से बचने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय शुरू से ही लोगों को भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की अपील करता रहा है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि भीड़ में यह पता नहीं होता कि कौन इस वायरस से संक्रमित है।
अगर किसी को इसका संक्रमण होगा तो दूसरे भी इसकी चपेट में आ सकते हैं। इस स्थिति में संक्रमण बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है। डॉ. नागपाल ने बताया कि सोशल डिस्टेंस का सीधा मकसद है इस महामारी को बढ़ने से रोकना। अगर ऐसा करने में सफल होते हैं तो इससे स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ कम पड़ेगा। सोशल डिस्टेंस इस बीमारी को रोकने से ज्यादा इसके बढ़ने की दर को कम करने का साधन है, जिससे लोग ज्यादा बीमार नहीं पड़ें।
इंफेक्शन कम फैले और बीमारी थम जाए, इसलिए एक-दूसरे से कम संपर्क रखने को ही सोशल दूरी कहा जाता है। सोशल डिस्टेंस का ही असर है कि चंडीगढ़ में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 18 पर आकर स्थिर हो गई है। अगर ऐसा ही कुछ समय तक बरकरार रहा तो चंडीगढ़ पर मंडरा रहा कोरोना का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा।