साथ ही नौ मई तक ऑनलाइन कोर्स पूरा कराने के आदेश दिए गए। यही बात चांसर वेंकैया नायडू के समक्ष पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने रखी। इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया।
छात्र नेताओं ने दी थी चेतावनी
अमर उजाला ने जैसे ही यह मामला प्रमुखता से उठाया तो छात्र नेताओं ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया। पीयू प्रशासन समेत चांसलर कार्यालय को पत्र लिखे गए। चांसलर कार्यालय की ओर से भी पीयू प्रशासन से जवाब मांगा गया।
इसके बाद अमर उजाला ने भी यह बात सामने रखी कि लॉकडाउन के बाद विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाना जरूरी है, क्योंकि ऑनलाइन कक्षाओं के दायरे में सभी विद्यार्थी नहीं आ रहे हैं।
चारों ओर से पीयू प्रशासन पर दबाव पड़ा तो पीयू को आदेश जारी करने पड़े। उन्होंने विद्यार्थियों से कह दिया है कि वह चिंता न करें। क्लास वर्क होने के बाद ही परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी।
लॉकडाउन खुलते ही लगेंगी कक्षाएं
लॉकडाउन खुलने के बाद विद्यार्थियों की कक्षाएं दो से तीन सप्ताह तक लगाई जाएंगी। उसके बाद ही परीक्षा आयोजित की जाएंगी। विद्यार्थियों का अहित नहीं होगा। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। - प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई पीयू