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पेशन धारकों को बड़ी राहत, पढ़ें सरकारी फरमान

Mon, 22 Jun 2015 08:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली,सिरसा(हरियाणा)
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हरियाणा में अब 59 साल के बुजुर्ग को पेंशन बंधवाने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बैंक खुद ऐसे लोगों को रेखांकित करेगा। पात्र होते ही संबंधित व्यक्ति की पेंशन शुरू कर दी जाएगी।
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यह बात सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कही। वे डबवाली (सिरसा) में भाजपा नेता देव कुमार शर्मा के निवास स्थान पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पेंशनरों पर हरियाणा सरकार प्रतिमाह करीब 2300 करोड़ रुपये खर्च करती है। अपात्र व्यक्ति ढूंढने के लिए सभी को बैंक से जोड़ रही है। यह शुरुआत तत्कालीन हुड्डा सरकार ने की थी। उस समय पेंशनर को बैंक में जाकर खाता खुलवाना पड़ता था। अब ऐसा नहीं है।
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बैंक खुद पेंशनर तक आएगा। मंत्री के अनुसार, मैंने खुद देखा है कि एक वृद्ध के तीन बेटे हैं, तीनों अधिकारी और तीनों के ही राशन कार्ड में अपने पिता का नाम। ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। सरकार की योजना को धरातल पर लागू करने के लिए कुछ समय की जरूरत है।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली सरकार की लापरवाही के कारण महिला एवं बाल विकास संबंधी फंड पिछले दस वर्षों से रुका हुआ है। केंद्र सरकार वर्ष 2005 में हुए खर्च का ब्यौरा मांग रही है।

हजारों पत्र केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को लिखे हैं, लेकिन हुड्डा सरकार ने रिपोर्ट नहीं दी। इसके चलते हरियाणा के कोटे में आने वाले करोड़ों रुपये केंद्र में फंसे हुए हैं। अगर पैसा आता तो आंगनबाड़ी केंद्र एयर कंडीशनर (वातानुकूलित) हो जाते। अब इस फंड को लाने के लिए सरकार प्रयासरत है।

डबवाली में स्थायी एसडीएम न होने के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हाल ही में एचपीएससी में दो सदस्यों की नियुक्ति की गई है। इसके बाद प्रथम तथा द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रदेश के हजारों पढ़े-लिखे नौजवान बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं।

विदेशियों ने समझा योग का प्रभाव
उन्होंने कहा कि अमेरिकन राष्ट्रपति बराक ओबामा, बांग्लादेश की शेख हसीना, पाकिस्तान के नवाज शरीफ का दिमाग योग के प्रभाव को समझ गया है। लेकिन किरण चौधरी, अभय चौटाला, भूपेंद्र सिंह हुड्डा तथा अशोक तंवर के दिमाग का इलाज नहीं है।

दूसरे मुल्क वैदिक संस्कृति को मान रहे हैं, भारत विश्व गुरु बनने की ओर चल निकला है। लेकिन ये लोग राजनीति कर रहे हैं, जिसका कोई लेवल नहीं। राजनीति करनी है तो भाजपा से सीखें, जो करीब 25 वर्ष तक सत्ता से दूर रही। ये लोग उससे आधे वर्ष भी दूर रहकर दिखें, इनकी हस्ती मिट जाएगी।
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