29 मार्च को होशियारपुर से दोनों ने बदला रास्ता
पुलिस जांच में सामने आया कि अमृतपाल सिंह व पपलप्रीत सिंह 29 मार्च को होशियारपुर से अलग-अलग रास्तों पर निकल गए थे। वह एक गुरुद्वारे में देखे गए थे। दोनों की फोटो भी सीसीटीवी में कैद हो गई थी। इसके बाद पुलिस अधिकारी इस बात से आश्वास्त हो गए कि आरोपी पंजाब में हैं। इसके बाद पुलिस ने तय किया है कि अब सारा फोकस इसी इलाके पर किया जाएगा।
पुलिस तकनीक व ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर जांच को आगे बढ़ाने में जुट गई। आरोपी पपलप्रीत भी समझ गया था कि अब वह घिर चुका है। ऐसे में उसने छिपने के लिए अपने गृह जिले अमृतसर को चुना। साथ ही अपने पुराने साथियों की मदद से गांव कत्थूनगल तक पहुंचा। हालांकि, आरोपी ने इस दौरान अपने किसी भी करीबी को फोन पर संपर्क नहीं किया। ताकि पुलिस उसकी लोकेशन न ट्रेस कर सके लेकिन पुलिस लगातार होशियारपुर व सीमावर्ती एरिया में अभियान चला रही थी। साथ ही इसी बीच आरोपी पुलिस के हाथ लगा है।
अमृतपाल सिंह की ताकत बना पपलप्रीत
पपलप्रीत सिंह अमृतसर के मरारी गांव का रहने वाला है। इससे पहले 2015 में उसे आईएसआई से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। वह अमृतपाल सिंह के मीडिया सलाहकार के रूप में काम कर रहा था। पपलप्रीत ही अमृतपाल के फोटो व इंटरव्यू मैनेज करवाता था। पपलप्रीत के सोशल मीडिया, खासकर इंस्टाग्राम और फेसबुक पर काफी फॉलोअर्स हैं। इन फालोअर्स का इस्तेमाल भी उसने अमृतपाल को मजबूत करने में किया।
अमृतपाल सिंह अब भी पहुंच से दूर
अमृतपाल सिंह अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने दावा किया कि पुलिस टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। जल्द ही आरोपी को काबू कर लिया जाएगा।