निगम का 150 करोड़ का एरियर फंसा, संपत्ति सीज किसने की जानकारी नहीं
नगर निगम ने डेटा तैयार किया तो पता चला कि विवादित संपत्तियों के कारण उनका 150 करोड़ रुपये का एरियर फंस गया है। इसमें 35 करोड़ रुपये की संपत्ति का मामला अदालत में विचाराधीन है। साथ ही 2.5 करोड़ रुपये चैरिटेबल ट्रस्ट के मामले में फंसे हैं। सेक्टर-46 और 41 में टीनशेड हटाकर बूथ बनाए गए थे लेकिन उसकी जानकारी निगम को नहीं दी गई इसलिए टीनशेड का एक करोड़ रुपये संपत्ति कर बकाया है। साथ एक करोड़ रुपये की संपत्ति सीज है और 45 लाख रुपये इंडस्ट्रियल एरिया में संपत्ति कर के ब्याज माफी के नाम पर फंसा है। इसके अलावा अन्य जगहों पर बकाया एरियर फंसा है।
अभी तक 60 हजार आवासीय व 10 हजार व्यावसायिक संपत्ति कर बकाया
इस वित्तीय वर्ष में आवासीय संपत्ति में एक लाख 40 हजार में से 80 हजार लोगों ने कर भर दिया है। 60 हजार लोगों का कर बकाया है। आवासीय संपत्ति में 29 हजार लोगों में से 19 हजार ने संपत्ति कर भर दिया है, 10 हजार लोग रह गए हैं। इससे पहले निगम ने अपना सिस्टम ऑनलाइन करने का काम शुरू किया तो ऐसे लोगों को भी नोटिस भेज दिए जिन्होंने संपत्ति कर भर दिया था। जिन लोगों के पास पुरानी रसीदें नहीं थीं उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे ज्यादा यहां मिलीं गुमनाम संपत्तियां
| सेक्टर |
गुम और बेनाम संपत्ति |
| 11 |
63 |
| 9 |
11 |
| 8 |
14 |
| 7 |
13 |
| 27 |
31 |
| 29 |
39 |
| 18 |
24 |
| 15 |
18 |
| 38 |
29 |
| 37 |
17 |
| 29 |
2 |
| 28 |
5 |
| 39 |
13 |
| 36 |
2 |
| 34 |
4 |
| 35 |
3 |
| 19 |
1 |
हम हर तरफ से कोशिश कर रहे हैं संपत्ति कर को पूरी तरह से समायोजित किया जाए। सरकारी और निजी संपत्ति की वास्तविक स्थिति को जानने और सीज संपत्ति की जानकारी के लिए एस्टेट ऑफिस को पत्र लिखा है ताकि हमें अपने सही एरियर की जानकारी मिल सके। आनिंदिता मित्रा, चंडीगढ़ नगर निगम आयुक्त।