चंडीगढ़। नए स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग ने सोमवार को जीएमएसएच-16 और जीएमसीएच-32 का दौरा किया। इस दौरान ओपीडी पंजीकरण के लिए लंबी लाइन लगी हुई थी। यहां तक कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले भी लाइन में लगे थे। ऐसे में फैसला लिया गया कि जल्द ही संपर्क केंद्रों पर भी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी पंजीकरण की सुविधा शुरू दी जाएगी और ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों के लिए नई खिड़की खोली जाएगी।
स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य निदेशक डॉ. अमनदीप कंग व अन्य अधिकारियों के साथ बैठक भी की और मरीजों को आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी हासिल की। लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए जीएमसीएच-32 में ओपीडी के लिए 33 प्रतिशत ऑनलाइन स्लॉट बढ़ाने का फैसला लिया गया।
जीएमएसएच-16 में दौरे के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने पाया कि ओपीडी पंजीकरण के लिए भीड़ इतनी ज्यादा थी कि सामाजिक दूरी का भी पालन नहीं हो पा रहा था। अस्पताल में पूरे दिन के दौरान ओपीडी के लिए 1800 के करीब पंजीकरण हुए। फैसला लिया गया कि मामूली शुल्क पर संपर्क सेंटरों पर भी ओपीडी के लिए पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी। इसे लेकर स्पिक के अधिकारियों से भी बात की गई और फैसला हुआ कि प्रति पंजीकरण 10 रुपये तक का शुल्क तय किया जा सकता है। यशपाल गर्ग ने बताया कि दो हफ्ते के अंदर इस सुविधा को शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि अस्पताल में मौजूदा पंजीकरण की सुविधा जारी रहेगी। अस्पताल में एक फ्रंट डेस्क की सुविधा भी दी जाएगी, जिसमें इनडोर मरीजों की पूरी जानकारी होगी। इस जानकारी के लिए लोगों को अलग-अलग जगह नहीं भागना पड़ेगा। यह भी फैसला लिया गया कि ऑनलाइन पंजीकरण कराने वालों को बार-कोड प्रिंटेड ओपीडी कार्ड जारी किया जाएगा, इसके लिए अस्पताल में एक विशेष खिड़की बनाई जाएगी, ताकि ऑनलाइन पंजीकरण कराने वाले लोग बिना परेशानी अपना कार्ड बनवा सकें।
तीमारदारों को पंचायत भवन में दिए जाएंगे कमरे
स्वास्थ्य सचिव ने सोमवार को जीएमसीएच-32 की ओपीडी और इमरजेंसी का भी दौरा किया। तय हुआ कि अस्पताल द्वारा सभी फाइलें स्वास्थ्य सचिव दफ्तर को एनआईसी के ई-ऑफिस मॉड्यूल के जरिए भेजनी होंगी। इस सप्ताह में ही पांच फाइलें ई-ऑफिस के जरिए भेजनी होंगी। अगले सप्ताह से जिन फाइलों को वित्त और कार्मिक विभाग की सहमति की जरूरत नहीं है, उन्हें ई-ऑफिस के जरिए ही भेजना होगा। इसके अलावा जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच-16 में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को यूटी गेस्ट हाउस नंबर-2 (पंचायत भवन) में रुकने के लिए कमरे दिए जाएंगे। हॉस्पिटैलिटी विभाग के निदेशक द्वारा 100 कमरों में से ये सुविधा प्रदान की जाएगी, जिसके लिए मरीजों के दाखिले के दस्तावेज और तीमारदारों का पहचानपत्र जरूरी होगा।
निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना
कोरोना की दूसरी लहर से सीख लेते हुए निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने निर्देश दिए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही स्वास्थ्य सचिव निजी अस्पतालों के साथ एक बैठक करेंगे। जो एजेंसियां ऑक्सीजन प्लांट लगा सकती हैं, उनकी जानकारी भी निजी अस्पतालों को प्रदान की जाएगी। इसके अलावा डेंगू की रोकथाम को लेकर भी अभियान चलाया जाएगा और डेंगू लार्वा मिलने पर लोगों को चालान जारी किए जाएंगे। सरकारी इमारतों में भी जांच की जाएगी और लार्वा मिलने पर संबंधित विभाग को चालान जारी किया जाएगा।