पंजाब सरकार राज्य में लागू शगुन स्कीम और बुढ़ापा पेंशन की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं करने जा रही। वीरवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के चरनजीत चन्नी द्वारा शगुन स्कीम पर पूछे गए सवाल पर मंत्री गुलजार सिंह रणीके ने जवाब दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
चन्नी ने बुढ़ापा पेंशन बढ़ाने बारे भी सवाल किया जिसके जवाब में संबंधित मंत्री सुरजीत ज्याणी ने दो शब्द कहे- श्रीमान जी, जी नहीं।
तरलोचन सिंह का सवाल था कि भलाई पेंशन के फंड में कोई घपले सामने आए हैं। सुरजीत ज्याणी ने बताया कि तरनतारन में 71.42 लाख का गबन हुआ।
दो दोषी मुलाजिमों पर परचा दर्ज हो चुका है। एक क्लर्क से करीब 13.10 लाख रिकवर कर लिए गए हैं। फिरोजपुर में गांव चक्क जमीत सिंह वाला की पंचायत पर फंड के दुरुपयोग को लेकर परचा दर्ज कराया गया है। दोनों जिलों की ऑडिट को टीम बनाई गई है।
करन कौर ने मुक्तसर में शगुन स्कीम के पेंडिंग केसों की जानकारी मांगी। गुलजार सिंह राणीके ने बताया कि 54 केस पेंडिंग हैं। करन कौर का आरोप था कि सभी गांवों में केस पेंडिंग पड़े हैं। राणीके ने कहा कि उन्हें बता दें, राशि जारी करवा देंगे।
आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं
सुनील जाखड़ ने सवाल किया कि मंत्री सदन में अगर ऐलान करते हैं तो क्या वह आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि इस पर कानूनी राय लेनी चाहिए। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने हंसते हुए कहा कि यह अच्छा है, आप सवाल न करो, हम जवाब ही नहीं देंगे।