पंजाब यूनिवर्सिटी में बुधवार को हुई सिडिंकेट मीटिंग में ऐतिहासिक फैसला लिया गया। अब कॉलेज प्रिंसिपल 60 साल की उम्र में रिटायर होने केबाद दोबारा ज्वाइनिंग नहीं ले पाएंगे। साथ ही शिक्षकों के लिए प्रमोशन के द्वार खुल गए हैं। अमर उजाला ने शिक्षकों के इस प्रकरण को प्रमुखता से उजागर कर सीरीज चलाई थी।
बता दें 2014 से टीचर्स के सूटेबल ना होने की बात कहकर पुराने प्रिसिंपल ही रिटायरमेंट के 5 साल तक अपनी सर्विस दे रहे थे। इससे शिक्षकों का बनता हक मारा जा रहा था। इस फैसले से शिक्षकों के चेहरे खिल गए हैं। इसके अलावा गेस्ट टीचरों को दीवाली का बड़ा तोहफा मिला है। पहले इन्हें प्रति लेक्चर के हिसाब से वेतन दिया जाता था और अब इनकी सैलरी फिक्स कर दी गई है। सबसे अच्छी बात यह रही कि सभी फैसले सर्वसम्मति और हंसी-खुशी के माहौल में लिए गए।
गेस्ट फैकल्टी को अब हर महीने मिलेंगे 25,200 रुपये
पंजाब यूनिवर्सिटी और इससे संबद्ध 192 कॉलेजों में पिछले काफी सालों से गेस्ट फैकल्टी की तैनात की जा रही थी। कॉलेजों में लगभग 5 से 7 हजार टीचर्स गेस्ट फैकल्टी के तौर पर काम कर रहे हैं। इनकी सैलरी प्रोफेसर्स के वेतन से काफी ज्यादा कम थी। इन्हें प्रति लेक्चर 1000 के हिसाब से वेतन दी जाती थी। महीने में छुट्टियां होने की वजह से इन्हें काफी कम सैलरी पर गुजारा करना पड़ रहा था। इस वजह से गेस्ट फैकल्टी मिलने कम हो गए थे, जिसके कारण यूनिवर्सिटी की शिक्षण व्यवस्था पर प्रभाव पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखकर बुधवार को सिंडिकेट मिटिंग में फैसला लिया गया कि गेस्ट फैकल्टी को फिक्स 25,200 की सैलरी दी जाएगी।
सिंडिकेट मीटिंग के प्रमुख फैसले
1. 2019-20 का 564.52 करोड़ के रिवाइज्ड बजट के साथ 2020-21 के लिए लगभग 586.28 करोड़ के बजट पर सहमति।
2. पीएचडी थिसिस में हो रही देरी पर सभी डिपार्टमेंट को सर्कुलर जारी होगा। अब स्कॉलर्स को 8 साल से ज्यादा एक्सटेंशन नहीं मिलेगी।
3. सिडिंकेट ने पीयू और पीजीआई चंडीगढ़ के आईसीएमआर सेंटर फॉर इनोेवेशन एंड बायो डिजाइन के बीच एमओयू पर सहमति दी।
4. पीयू पीएचडी स्कॉलरशिप/फैलोशिप को 20 से 40 करने पर सहमति।
पीयू से संबद्ध कॉलेजों के लिए आज नया सवेरा है। टीचर्स को अब उनका बनता हक मिलेगा, जो पहले प्रिंसिपल की री-ज्वॉइनिंग के चलते मारा जा रहा था। इसके लिए टीचर्स ने बहुत स्ट्रगल किया है।
- डॉ. केके शर्मा, सीनेट एंड सिंडिकेट मेंबर, पीयू चंडीगढ़