फिर भी ऐसी कोशिशें जारी हैं। आईएसआई ने पंजाब में अपनी कोशिशों में बार-बार नाकाम रहने के बाद, अब भारत के खिलाफ यूरोपीय और अमेरिकी देशों में सिखों की ओर नजरें गड़ा दी हैं। शशिकांत ने कहा कि खालिस्तान समर्थकों ने अपना एजेंडा सेट करने और अपनी पैशाचिक महत्वाकांक्षाओं को हासिल करने के लिए हमेशा पंजाबियों की भावनाओं का शोषण किया है।
उन्होंने कहा कि कई लोग इस विशेष मुद्दे पर बड़े पैमाने पर धन इकट्ठा कर रहे हैं। मैं इसे सिखों की भावनात्मक ब्लैकमेलिंग कहूंगा जो बहुत ही सरल व्यक्ति और भावनात्मक हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यहां तक कि सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे जो कई वर्षों से श्री ननकाना साहिब गुरुद्वारा और अन्य पवित्र सिख स्थानों के दर्शन के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं, वहां भी आईएसआई के लोग तीर्थयात्रियों के साथ खुलकर बातचीत करते हैं और उनकी भावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं।
केंद्र सरकार द्वारा सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) पर प्रतिबंध लगाने के कदम की प्रशंसा करते हुए पूर्व डीजीपी ने कहा कि यह कदम पाकिस्तान के लिए एक झटका है, जो वर्षों से ऐसे समूहों का पोषण कर रहा है।