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अध्ययन में बड़ा दावा- हवा में दो घंटे से ज्यादा रहता है कोरोना वायरस, संक्रमित भी करने की क्षमता

Wed, 06 Jan 2021 01:52 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : ANI
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कोरोना वायरस हवा में रह सकता है। अगर मास्क नहीं पहना तो वायरस की चपेट में भी आ सकते हैं। यह दावा सीएसआईआर-सेंटर फॉर सेल्युलर एंड मोलेक्युलर बायोलॉजी (सीसीएमबी) तथा सीएसआईआर-इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (इमटेक) चंडीगढ़ ने एक अध्ययन में किया है। 

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अध्ययन के मुताबिक जिन कमरों में कोरोना वायरस मरीजों ने ज्यादा समय बिताया, वहां वायरस हवा में दो घंटे से अधिक समय तक पाया गया और यह मरीजों के बैठने के स्थानों से दो मीटर से अधिक दूरी पर भी (हवा में) मिला है। जबकि नॉन कोविड जगहों से लिए गए सैंपलों में वायरस नहीं मिला। इस दावे की पुष्टि के लिए वैज्ञानिकों ने हैदराबाद और मोहाली के अस्पतालों के 64 से ज्यादा सैंपल लिए थे। 

वायरस की पुष्टि के लिए आरटी-पीसीआर पद्धति की मदद ली गई। इससे साफ है कि जब कोविड मरीज लंबे समय तक बंद कमरे में रहते हैं तो वायरस हवा में पाया जाता है। अध्ययन से पता चलता है कि पॉजिटिव व्यक्तियों का जल्दी पता लगाना और उन्हें आइसोलेट करने से संक्रमण पर रोक लगती है। इमटेक के निदेशक संजीव खोसला ने कहा कि कोरोना रोकने में मास्क पहनना और समाजिक दूरी सबसे अहम है। 
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सीसीएमबी के निदेशक राकेश मिश्रा ने कहा कि यदि प्रभावित और अप्रभावित दोनों तरह के व्यक्ति मास्क पहनते हैं तो संचरण का जोखिम बहुत कम है। बंद स्थानों में अधिक समय बिताना जोखिम भरा हो सकता है। संस्थान की सलाह है कि महानगरों/लोकल ट्रेनों या बसों में छोटी अवधि की यात्रा सुरक्षित है और लंबी यात्रा के लिए, जोखिम को कम करने के लिए यात्रा को भागों में तोड़ा जा सकता है।

सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग करते समय मास्क का उपयोग किया जाना चाहिए क्योंकि फ्लशिंग में एरोसोल उत्पन्न करने की क्षमता होती है जो हवा में लंबे समय तक रह सकते हैं। मल में भी वायरस की आशंका होती है ऐसे में जब कोई टायलेट इस्तेमाल करें तो उसके आधे घंटे बाद ही जाएं।

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