नेता एसजीपीसी सदस्यों को कह रहे हैं कि अगर बीबी को वोट दिया तो तुम्हारी लिखाई पहचान ली जाएगी। इसके बाद तुम्हारे साथ क्या होगा देखना। मैं तो नियमों के मुताबिक चली क्योंकि हर बार एसजीपीसी के चुनाव में दो से तीन उम्मीदवार मैदान में होते हैं ताकि लोग वोट कर सके लेकिन शिअद के कुछ नुमाइंदे आवाज दबाने पर तुले हैं। यह सियासती लोग श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के आदेश को भी नहीं मानते। यही कारण है कि आज एसजीपीसी का दायरा सिमटता जा रहा है।
उनके ताया ससुर संत प्रेम सिंह 28 सालों तक एसजीपीसी सदस्य सदस्य रहे। उनके पिता सरकार में विधायक और मंत्री रहे, तब पार्टी पंथक मुद्दों पर चलती थी। अब एक व्यक्ति चला रहा है। उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ेंगी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सिमटते एसजीपीसी के दायरे को देश विदेश तक फैलाएंगी।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर सख्त सजा होगी, जो पार्टी 2007 में राम रहीम पर नहीं कर सकी और परिणाम स्वरूप उसे माफी दे दी गई। धर्म प्रचार के लिए कमेटी बनी है और प्रचारक भी हैं लेकिन मैं उनमें सुधार करूंगी। सिखों की विरासत को बचाने के लिए सिख हेरिटेज कमीशन बनाया जाएगा और पंथ के उत्थान के लिए उठाए जाने वाले हर कदम से पहले देश-विदेश में बस्ती सिख संगत से सुझाव मांगे जाएंगे। मैं प्रधान बनकर एसजीपीसी को एक व्यक्ति से आजाद करना चाहती हूं जिसकी सोच अब पंथक नहीं रही।
निकालने से पहले बुलाना चाहिए था अब क्या फायदा?
बीबी जागीर कौर ने कहा कि मुझे बिना नोटिस दिए और बिना कुछ पूछे निकाल दिया गया तो अब किस लिए मिलना चाहते हैं। मिलने मिलाने की बात निकालने से पहले तक थी अब नहीं। मुझे बताएं कि पार्टी संविधान में कहां लिखा है कि बिना गलती बताएं उसे निकाल दें। उन्होंने कहा कि मुझे आप लोगों से पता चला कि सोमवार को पार्टी ने 12 बजे मुझे मिलने बुलाया है। व्हाट्सएप पर लेटर भेजी होगी जो मैं देखती ही नहीं तो जाने का कोई मतलब ही नहीं बनता। मुझे एक व्यक्ति ने निकाला है और वह पार्टी संविधान के खिलाफ है। उन्होंने 4 सवालों के जवाब मांगे थे जो अब तक नहीं मिले हैं।
बीजेपी की खिलाड़ी होने के सवाल पर बोलीं- 33 साल गठबंधन कर सत्ता के सुख भोगने वाले हम पर आरोप लगा रहे हैं
बीबी जागीर कौर ने कहा कि 33 साल से गठबंधन कर सत्ता का सुख भोगने वाले के मुंह से यह बातें अच्छी नहीं लगती। पार्टी के सलाहकार दलजीत चीमा घर आए थे और उन्होंने कहा कि पार्टी अकेले लोकसभा चुनाव नहीं जीत सकती। इससे साफ है कि वह भाजपा से गठबंधन करेंगे। मुझे भाजपा की बी टीम कैसे कह सकते हैं, मैं पंथक मुद्दों के लिए लड़ी हूं और आगे भी लड़ती रहूंगी। बीबी जागीर कौर ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन इकबाल सिंह लालपुरा के धर्म और सियासत को अलग रखने के बयान पर कहा कि सिख सभी पार्टियों में हैं जो कौम का भला सोचते हैं।