पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश सरकार की तरफ से 17 हजार किसान मित्र नियुक्त करने के एलान पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकार को खुद किसानों का मित्र बनना चाहिए। अगर सरकार ही किसानों के विरोधी बन बैठी हो तो फिर किसान मित्र नियुक्त करने का क्या फायदा। सरकार को नई-नई शब्दावली गढ़ने की बजाय अपनी किसान विरोधी नीतियों पर मंथन करना चाहिए।
तमाम महकमों, मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों को किसानों के मित्र की तरह काम करना चाहिए। लगता है कि सरकार ऐसा कर पाने में विफल रही है। इसीलिए अलग से किसान मित्र नियुक्त करने पड़ रहे हैं।
यह भी पढ़ें- शहादत से पहले जवान की आखिरी कॉल, बच्चों की फोटो देखने की थी ख्वाहिश, सैल्यूट कर मां ने दी अंतिम विदाई
सरकार की नीयत और नीति देखकर लगता है कि इससे भी किसानों को कोई फायदा नहीं होने वाला। सच में आज सरकार से किसान को राहत और प्रोत्साहन की जरुरत है। अगर सरकार किसानों की हमदर्द मित्र बनना चाहती है तो उसे स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, फसल के उचित रेट देने, कृषि की लागत कम करने, खेती उपकरणों से टैक्स हटाने, डीजल के रेट कम करने की तरफ कदम बढ़ाए।