पंचकूला के सेक्टर-6 में 3,360 वर्गमीटर के प्लॉट नंबर सी-17 को 24 अगस्त 1982 को तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल ने अलॉट कराया था। कंपनी को 6 माह में निर्माण शुरू कर काम दो साल में पूरा करना था लेकिन 10 साल में भी ऐसा नहीं किया गया। 30 अक्टूबर 1992 को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हुडा ने अलॉटमेंट निरस्त कर प्लॉट को रिज्यूम किया।
फिर 26 जुलाई 1995 को हुडा ने ने एस्टेट ऑफिसर के आदेश के खिलाफ कंपनी की अपील खारिज कर दी। फिर 14 मार्च 1998 को कंपनी की तरफ से आबिद हु्सैन ने हुडा के चेयरमैन को प्लॉट अलॉटमेंट की बहाली की अपील की। चेयरमैन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 14 मई 2005 को अधिकारियों को एजेएल कंपनी के प्लॉट अलॉटमेंट की बहाली की संभावनाएं तलाशने को कहा।
इसमें एजेएल कंपनी को भी आवेदन करने की छूट दी गई। फिर 28 अगस्त 2005 को एजेएल को ही 1982 की मूल दर पर प्लॉट अलॉटमेंट की फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। साथ ही कंपनी को 6 माह में निर्माण शुरू कर एक साल में काम पूरा करने को कहा गया था।