14 मार्च, 1998 को कंपनी की ओर से आबिद हुसैन ने चेयरमैन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को प्लॉट की अलॉटमेंट बहाली के लिए अपील की। 14 मई, 2005 को चेयरमैन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने अफसरों को एजेएल कंपनी के प्लॉट अलॉटमेंट की बहाली की संभावनाएं तलाशने को कहा, लेकिन कानून विभाग ने अलॉटमेंट बहाली के लिए साफ तौर पर इनकार कर दिया।
18 अगस्त, 1995 को नई अलॉटमेंट के लिए आवेदन मांगे गए। इसमें एजेएल कंपनी को भी आवेदन करने की छूट दी गई। 28 अगस्त, 2005 को एजेएल को ही 1982 की मूल दर पर प्लॉट अलॉट करने की फाइल पर साइन कर दिए। साथ ही कंपनी को 6 माह में निर्माण शुरू करके एक साल में काम पूरा करने को कहा गया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी पुराने रेट पर प्लॉट अलॉट करने के आदेश दिए थे।