पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सब्र बहुत हो चुका है, अब केवल बयानबाजी नहीं करके भाजपा सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। सरकार को ईंट का जवाब पत्थर से देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद देश के लिए नासूर बन गया है और इसमें पाकिस्तान से शांति वार्ता का कोई विकल्प नहीं बचा है। कश्मीर में आतंकियों के डर से पुलिस के जवान नौकरी छोड़ रहे है और इतना कुछ होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने से जवानों का मनोबल गिर जाएगा।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा रविवार को थाना कलां गांव में शहीद नरेंद्र सिंह के घर परिवार को सांत्वना देने के लिए पहुंचे। पूर्व सीएम ने कहा कि पाकिस्तान ने जिस तरह से शहीद नरेंद्र सिंह के साथ बर्बरता की, उसे सहन नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने आतंकवाद को लेकर आरपार करने तक की बात कही थी। लेकिन पिछले चार सालों में जिस तरह की बर्बरता हमारे सैनिकों के साथ हुई है, वह शर्मनाक है।
अब सरकार को कुछ ऐसा करना चाहिए, जिससे पाकिस्तान दोबारा इस तरह की बर्बरता नहीं कर सके और शहीदों की शहादत सफल हो सके। हुड्डा ने शहीद के परिवार से कहा कि कांग्रेस इस दुख में उनके साथ है और हर समय साथ रहेगी। उन्होंने सरकार से शहीद नरेंद्र सिंह के दोनों बेटों को नौकरी देने की मांग की। इस दौरान विधायक जयबीर वाल्मीकि, विधायक जयतीर्थ दहिया, जगबीर मलिक, श्रीकृष्ण हुड्डा, प्रो. वीरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक अनिल ठक्कर, सुरेंद्र शर्मा, सुरेंद्र दहिया, मनोज रिढाऊ, प्रदीप गौतम, प्रदीप सांगवान, कृष्ण मलिक, अशोक छाबड़ा, अशोक सरोहा, अजीत सैनी, प्रेम अत्री, सुनील दहिया, जोगेंद्र दहिया, अनूप मलिक, अनिल गौड, शमशेर दहिया, कमला मलिक, भरपाई चहल, पुष्पा, प्रेमवती भनवाला, अनिल निंबडिया, संजय खत्री, नीरज देशवाल, रघबीर आंतिल, हरेंद्र सैनी, पुनीत राणा, रामकुमार फौजी, हरिओम राणा आदि मौजूद रहे।