अबोहर के भीम टांक हत्याकांड का मुख्यारोपी शिव लाल डोडा
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अबोहर के बहुचर्चित भीम हत्याकांड में बतौर साजिशकर्ता शामिल किए गए शिव लाल डोडा का चालान मंगलवार को पुलिस ने अदालत में पेश कर दिया। इसके साथ ही पुलिस द्वारा मामले में नामजद किए गए सभी 26 आरोपियों के चालान अदालत में पेश हो चुके हैं। सभी आरोपी पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं।
गौरतलब है कि भीम टांक के परिजनों ने सोमवार को ऐलान किया था कि अगर मंगलवार को दोपहर 12 बजे तक शिव लाल डोडा का चालान अदालत में पेश नहीं किया गया तो वे मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। शिव लाल डोडा की गिरफ्तारी के कल 89 दिन पूरे हो रहे हैं।
ऐसे में परिवार का आरोप था कि प्रशासन व सरकार डोडा को बचाने का प्रयास कर रही है इसीलिए अभी तक उनका चालान पेश नहीं किया गया। परिवार की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया था कि मंगलवार को शिवलाल डोडा का चालान पेश कर दिया जाएगा इसलिए वे धरना प्रदर्शन का रास्ता न अपनाएं।
प्रशासन ने अपने वादे पर खरा उतरते हुए आज डोडा का चालान न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश कर दिया। इस मामले में नामजद राजप्रीत सिंह उर्फ राजा का चालान 23 मार्च को पेश हो चुका है।
डोडा को सुविधाओं के विरोध में जेल पर होगा प्रदर्शन
भीम टांक के परिजनों की प्रेसवार्ता
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अबोहर के भीमटांक हत्याकांड में अभियुक्त शिवलाल डोडा के खिलाफ सोमवार तक जिला अदालत में दोष पत्र दाखिल नहीं करने के विरोध में टांक के पारिवारिक सदस्यों ने मंगलवार को सीएम आवास के बाहर चंडीगढ़ में प्रदर्शन का कार्यक्रम रद्द कर दिया। इस मामले में पुलिस ने मंगलवार को जिला अदालत में डोडा के खिलाफ दोष पत्र दाखिल कर दिया, इसके बाद प्रदर्शन रद्द कर दिया गया।
यहां पत्रकारों से बातचीत में पारिवारिक सदस्यों ने कहा कि यह मामला आसानी से दबने वाला नहीं है। पुलिस ने भले ही दोष पत्र दाखिल कर दिया है, लेकिन जेल में डोडा को उच्चतम श्रेणी की सुविधाएं प्रदान कराई जा रही हैं। यह सुविधा सरकारी तंत्र की छूट के बगैर नहीं मिल सकतीं, लिहाजा अब संबंधित जेल के बाहर इन सुविधाओं के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि डोडा को गिरफ्तार नहीं करने के विरोध में अबोहर में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 120 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे। पारिवारिक सदस्यों ने कहा कि यह मामले गलत दर्ज किए गए हैं, लिहाजा जब तक मामले रद्द नहीं होते, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने आश्वासन दिया था कि टांक के भाई सुनील कुमार और अन्य पीड़ित गुरजंट सिंह को नौकरी दी जाएगी, लेकिन अभी तक नौकरी नहीं मिली।